ईरान के उपराष्ट्रपति ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बताया राष्ट्रीय संपत्ति, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ा तनाव.

Aanya25 August 20263 min read62 viewsWorld
ईरान के उपराष्ट्रपति ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बताया राष्ट्रीय संपत्ति, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ा तनाव.

क्षेत्रीय तनाव के बीच ईरान के उपराष्ट्रपति Mohammad Reza Aref ने 25 अगस्त 2026 को एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर तेहरान का नियंत्रण उसकी राष्ट्रीय संपत्ति पर कानूनी और संप्रभु अधिकार है। यह रणनीतिक जलमार्ग पूरी तरह से ईरान की संपत्ति है। इस बयान के बाद से समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल काफी तेज हो गई है। फारस की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही पर लगातार नजर रखी जा रही है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर नए नियम और शुल्क

18 अगस्त 2026 से उपराष्ट्रपति ने होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन को लेकर एक नए चरण की शुरुआत के संकेत दिए थे। इसके बाद 23 अगस्त 2026 को ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति ने एक नए प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस प्रस्ताव के तहत वहां से गुजरने वाले जहाजों पर अनिवार्य फीस लगाने का नियम बनाया गया है। इस शुल्क में नेविगेशन, पर्यावरण सेवाएं, ईंधन, बीमा और सुरक्षा के खर्च शामिल हैं। इसके अगले दिन यानी 24 अगस्त 2026 को ईरान ने जलडमरूमध्य से दुश्मन के सैन्य उपकरणों के आने-जाने पर पूरी तरह रोक लगाने की घोषणा कर दी।

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ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख Ebrahim Azizi ने बताया कि एक नई पेशेवर प्रणाली बनाई गई है। इसके जरिए केवल सहयोग करने वाले कमर्शियल जहाजों को ही निकलने की अनुमति दी जाएगी। वहीं अमेरिका की फ्रीडम परियोजना से जुड़े ऑपरेटरों के जहाजों के आने पर रोक रहेगी। इसके अलावा इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी है कि जो भी जहाज वहां से गुजरने की कोशिश करेगा, उसे नुकसान पहुंचाया जा सकता है। सरकार ने 45 टैंकरों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है और नियम तोड़ने पर उन्हें हिरासत में लेने या जब्त करने की धमकी दी है।

अमेरिका की चेतावनी और ईरान का कड़ा रुख

अमेरिका ने इस मामले पर सख्त कदम उठाया और 25 अगस्त 2026 को अमेरिकी वित्त विभाग के विदेशी संपत्तियों नियंत्रण कार्यालय यानी OFAC ने एक चेतावनी जारी की। इसमें कहा गया कि जो भी समुद्री लोग ईरानी संस्थाओं के साथ जुड़ेंगे, उन पर कड़े प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। इन संस्थाओं में पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी, पर्शियन गल्फ मरीन इंश्योरेंस कंपनी और होर्मुजसेफ मरीन सर्विसेज अथॉरिटी शामिल हैं। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने ईरान की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के लिए कई नए उपाय शुरू किए।

इन अमेरिकी कदमों के जवाब में ईरान के अर्थव्यवस्था मंत्री Ali Madanizadeh ने कहा कि देश इन मुश्किलों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने चेतावनी दी कि इस तरह के उपायों का कड़ा जवाब दिया जाएगा। इसके अलावा ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव Mohsen Rezaei ने धमकी दी कि यदि मौजूदा आर्थिक दबाव जारी रहा, तो देश तेल के निर्यात को पूरी तरह से रोक सकता है।

समुद्री यातायात पर असर और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

ईरान संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि यानी UNCLOS के पारगमन मार्ग नियमों को नहीं मानता है। इसके बजाय उसका कहना है कि इस जलडमरूमध्य पर केवल निर्दोष मार्ग का सिद्धांत लागू होता है। यह विचार अमेरिका और दुनिया के बाकी देशों से पूरी तरह अलग है, जो इसे अंतरराष्ट्रीय कानून मानते हैं। इस बढ़ते तनाव के बीच 25 अगस्त 2026 को ओमान के ऐश शिशाह के पास उत्तर पूर्व में लगभग 9 नॉटिकल मील की दूरी पर एक तेल टैंकर खराब हो गया।

24 अगस्त 2026 तक इस जलडमरूमध्य से होने वाला जहाजों का यातायात युद्ध से पहले के स्तर से 90 प्रतिशत नीचे आ गया था। इस मामले को शांत करने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी लगातार जारी हैं। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री Mohsin Naqvi ने ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian के साथ तनाव कम करने की चल रही बातचीत में काफी प्रगति होने की बात कही है। इस पूरी स्थिति की विस्तृत जानकारी NewsOnAir की रिपोर्ट से ली गई है।

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