ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने 22 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया है कि उनका देश अपनी मिट्टी और बुनियादी ढांचे पर होने वाले किसी भी हमले का करारा जवाब देगा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि ईरान अब ‘आंख के बदले आंख’ की रक्षा नीति अपना रहा है। ईरान ने चेतावनी दी है कि जो भी पक्ष इस आक्रामकता में मदद करेगा, उसे भी निशाना बनाया जाएगा।
क्षेत्र में बढ़ रहा तनाव
ईरान के Khatam al-Anbiya मुख्यालय ने पहले ही चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका उनके परमाणु या संवेदनशील ठिकानों पर हमला करता है, तो ईरान पूरे क्षेत्र में अमेरिकी और सहयोगी हितों को निशाना बनाएगा। उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने धमकी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान द्वारा जहाजों पर किए गए हर हमले के जवाब में वे ईरान के पुल या बिजली संयंत्रों को नष्ट कर देंगे।
लगातार हो रही सैन्य गतिविधियां
पिछले तीन महीनों में CENTCOM के अनुसार, होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों पर 30 से अधिक हमले हुए हैं और कुवैत में अमेरिकी सैन्य सुविधाओं पर ड्रोन हमले देखे गए हैं। जवाब में, अमेरिका ने लगातार 11 रातों तक ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। इस सुरक्षा स्थिति को देखते हुए, European Union Aviation Safety Agency (EASA) ने जॉर्डन के हवाई क्षेत्र से गुजरने वाली एयरलाइंस को अलर्ट जारी किया है। ईरान ने भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनके बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचाया गया, तो वे पूरे क्षेत्र के पुलों और बिजली केंद्रों को अपना निशाना बनाएंगे।
