Kuwait पर ईरान का ड्रोन हमला: रिहायशी और सरकारी इलाकों में मचा हड़कंप, ईरान ने दी जवाबी हमले की धमकी

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने 2 अगस्त 2026 को इस्माइल हानिया और अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या का बदला लेने की कसम खाई है। ईरान का कहना है कि यह उनका धार्मिक और रणनीतिक कर्तव्य है। इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच कुवैत की सेना ने सूचना दी कि ईरान द्वारा छोड़े गए ड्रोन ने देश के अहम ठिकानों को निशाना बनाया है। हालांकि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है, लेकिन बूबियान द्वीप पर सरकारी इमारतों और आम लोगों की संपत्ति को नुकसान पहुँचा है।
तनाव का कारण और ईरान की चेतावनी
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के साथ बातचीत करते हुए साफ किया है कि यदि कोई भी देश अमेरिका या इजराइल को ईरान पर हमले के लिए अपने सैन्य ठिकाने या जमीन इस्तेमाल करने देता है, तो ईरान चुप नहीं बैठेगा। ईरान ने चेतावनी दी है कि हमला करने वाले लॉन्च पैड को ही निशाना बनाया जाएगा। साथ ही, ईरान के शीर्ष सुरक्षा निकाय से जुड़े Nournews ने स्पष्ट किया है कि अगर अमेरिका ईरान की ऊर्जा सुविधाओं पर हमला करता है, तो ईरान सऊदी अरब, यूएई, कतर और इजराइल के तेल व गैस क्षेत्रों पर जवाबी कार्रवाई करेगा।
ईरान में सत्ता का बदलाव
मौजूदा घटनाक्रम के बीच मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया है। ईरान के सशस्त्र बलों के प्रमुख के सलाहकार माजिद मिराहमदी ने दोहराया है कि वे अपनी संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत अपनी रक्षा करने का पूरा हक रखते हैं और जिम्मेदार लोगों को इसका हिसाब देना होगा। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक हो सकती है क्योंकि क्षेत्रीय तनाव बढ़ने से व्यापार और सुरक्षा पर सीधा असर पड़ता है।