ईरान के उपराष्ट्रपति Mohammad Reza Aref ने दुनिया को साफ़ संदेश दिया है कि उनका देश अब क्षेत्रीय स्तर पर सबको साथ लेकर चलेगा। उन्होंने कहा कि ईरान का रवैया दूसरों की मदद करने वाला है, न कि किसी को अलग-थलग करने वाला। यह बयान ऐसे समय में आया है जब मिडिल ईस्ट में तनाव के बाद अब शांति की कोशिशें हो रही हैं।
ईरान की नई रणनीति क्या है और इसका क्या असर होगा?
उपराष्ट्रपति Aref ने साफ़ किया कि ईरान का लक्ष्य अपने पड़ोसी और इस्लामिक देशों के साथ रिश्ते मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि ईरान का दृष्टिकोण सहयोगात्मक है और वह किसी को बाहर नहीं रखना चाहता। इससे पहले उन्होंने यह भी कहा था कि फारस की खाड़ी (Persian Gulf) की सुरक्षा ईरान के लिए सबसे जरूरी है और इसमें कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने खुद को इस क्षेत्र का बड़ा भाई और स्थिरता लाने वाला बताया था।
अमेरिका और इसराइल के हमलों के बाद अब क्या स्थिति है?
ईरान ने हाल ही में अमेरिका और इसराइल के हमलों का सामना किया था। उपराष्ट्रपति Aref ने भरोसा दिलाया कि ईरानी लोग देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को फिर से खड़ा करेंगे और इसे पहले से ज्यादा भव्य बनाएंगे। साथ ही, 8 अप्रैल को युद्धविराम (ceasefire) होने के बाद अब तेहरान के सरकारी दफ्तर 9 मई 2026 से पूरी तरह से फिर से खुल रहे हैं।
दूसरे देशों के साथ बातचीत और समझौतों पर क्या स्टैंड है?
ईरान ने साफ़ कर दिया है कि वह इसराइल के साथ कोई डील नहीं करेगा। बातचीत सिर्फ आधिकारिक चैनलों के जरिए ही होगी। वहीं, अमेरिका के साथ इस्लामाबाद में हुई बातचीत के बाद Aref ने कहा कि ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से लेकर मुआवजे तक अपने अधिकारों की पूरी रक्षा करेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान के उपराष्ट्रपति ने क्षेत्रीय दृष्टिकोण के बारे में क्या कहा?
मोहम्मद रजा आरिफ ने कहा कि ईरान का क्षेत्रीय दृष्टिकोण सहयोगात्मक है और वह किसी को भी बाहर नहीं रखना चाहता है।
तेहरान के सरकारी दफ्तर कब से पूरी तरह खुल रहे हैं?
तेहरान प्रांत के सरकारी दफ्तर 9 मई 2026 से फिर से पूरी तरह से इन-पर्सन स्टाफिंग के साथ काम शुरू करेंगे।