Iran News: ईरान के उपराष्ट्रपति ने अमरीका को दी खुली चुनौती, कहा आर्थिक युद्ध का करेंगे डटकर सामना.

ईरान के पहले उपराष्ट्रपति Mohammad Reza Aref ने अमरीका को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमरीका सैन्य मोर्चे पर हारने के बाद अब ईरान के खिलाफ आर्थिक दबाव का रास्ता अपना रहा है। उनका कहना था कि देश इस नए आर्थिक युद्ध से बिल्कुल नहीं घबराएगा और जैसे पहले मैदान में जीत हासिल की थी, वैसे ही इस बार भी इस चुनौती से पार पा लेगा। उन्होंने देश के सभी राजनीतिक दलों और गुटों से अपील की कि वे आपसी मतभेद छोड़कर देश हित को सबसे पहले रखें क्योंकि देश इस समय अमरीका के साथ बढ़ते तनाव के दौर से गुजर रहा है।
सीजफायर खत्म होने के बाद बढ़ी गरमी
यह बयान ऐसे समय में आया है जब Islamabad Memorandum के तहत हुआ 60-दिन का सीजफायर पिछले महीने की 17 अगस्त 2026 को खत्म हो गया था। अमरीकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की धमकी दी है। इसके जवाब में ईरान के नेताओं ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। संसद के अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने दावा किया कि ईरान ने अमरीका और इजराइल के इरादों को पूरी तरह विफल कर दिया है। इसके अलावा, आईआरजीसी के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल Yadollah Javani ने यह संकेत दिया कि ईरान अब अपनी सैन्य नीति में बदलाव कर रहा है और आक्रामक रुख अपनाते हुए कड़ी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
क्षेत्रीय तनाव और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज की स्थिति
इन तमाम राजनीतिक और सैन्य तनावों के बीच कूटनीतिक कोशिशें रुकी हुई हैं। हाल ही में टैंकरों पर हुए हमलों के बाद से Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही काफी धीमी हो गई है। इस हालात से निपटने के लिए ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और विदेश मंत्री Abbas Araghchi लगातार उच्च स्तर पर बैठकें कर रहे हैं। वे राष्ट्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक बातचीत के रास्तों पर विचार कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, तुर्की जैसे पड़ोसी देश इस जरूरी जलमार्ग को जल्द से जल्द दोबारा खोलने की मांग कर रहे हैं ताकि व्यापार और जहाजों की आवाजाही फिर से सामान्य हो सके।