Iran VP Statement: IRGC को बताया क्षेत्रीय शांति का आधार, उपराष्ट्रपति मोहम्मद रज़ा आरिफ ने दी बधाई

ईरान के पहले उपराष्ट्रपति Mohammad Reza Aref ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की जमकर तारीफ की है। उन्होंने IRGC को क्षेत्रीय शांति के लिए एक मजबूत आधार और संकटों से निपटने वाला ईरान का सबसे ताकतवर हथियार बताया। यह बयान 22 अप्रैल 2026 को जारी किया गया, जिसे IRNA न्यूज एजेंसी ने भी प्रमुखता से छापा।

IRGC के बारे में उपराष्ट्रपति ने क्या कहा?

मोहम्मद रज़ा आरिफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा कि इतिहास इस बात का गवाह है कि IRGC के इरादों के सामने कोई भी रुकावट टिक नहीं पाई। उन्होंने इस संस्था को क्षेत्रीय शांति का लंगर बताया और कहा कि देश की अपनी ताकत और विश्वास के दम पर ईरान तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। इस मौके पर उन्होंने IRGC के सभी जवानों को उनकी स्थापना की सालगिरह पर बधाई भी दी।

IRGC की स्थापना और अन्य महत्वपूर्ण बातें

IRGC यानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स का गठन आधिकारिक तौर पर 5 मई 1979 को हुआ था। यह ईरान की एक बड़ी सैन्य और सुरक्षा फोर्स है, जिसका काम इस्लामी क्रांति की रक्षा करना और राष्ट्रीय सुरक्षा बनाए रखना है। उपराष्ट्रपति ने अपनी बात में इस बात पर जोर दिया कि यह संस्था मुश्किल समय में देश को बाहर निकालने में मददगार रही है।

इंटरनेट एक्सेस पर भी दिया बयान

22 अप्रैल 2026 को उपराष्ट्रपति Mohammad Reza Aref ने सिर्फ सुरक्षा ही नहीं बल्कि डिजिटल अधिकारों पर भी बात की। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान के समाज के हर वर्ग को बिना किसी भेदभाव के इंटरनेट की सुविधा मिलनी चाहिए। उन्होंने इंटरनेट एक्सेस को समान और गैर-भेदभावपूर्ण बनाने की बात कही।