अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है. अमेरिकी नौसेना ने ओमान की खाड़ी में ईरानी कमर्शियल जहाज ‘Toska’ को जब्त कर लिया है, जिसे ईरान ने ‘समुद्री डकैती’ करार दिया है. अब ईरान की क्रांतिकारी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है कि वे इस हरकत का जवाब ज़रूर देंगे.
अमेरिकी नौसेना ने क्यों जब्त किया Toska जहाज?
13 अप्रैल 2026 को अमेरिका ने ईरान पर समुद्री नाकाबंदी लागू की थी. इसके बाद 19 अप्रैल को अमेरिकी युद्धपोत USS Spruance ने ओमान की खाड़ी में ईरान के कमर्शियल जहाज ‘Toska’ को रोका और उसे जब्त कर लिया. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि जहाज ने चेतावनी का पालन नहीं किया था. अमेरिका ने अब तक करीब 34 जहाजों को ईरानी बंदरगाहों पर जाने से रोका है.
ईरान की चेतावनी और जवाबी कार्रवाई की तैयारी
ईरान की IRGC ने इस कार्रवाई को ‘सशस्त्र डकैती’ और ‘समुद्री चोरी’ बताया है. ईरान ने साफ किया है कि जहाज के क्रू और उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद वे अमेरिका के खिलाफ जरूरी कदम उठाएंगे. ईरान के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उनकी मिसाइल ताकत अभी भी बहुत ज्यादा है और वे किसी भी हमले का जवाब देने के लिए तैयार बैठे हैं. साथ ही, ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपना सख्त कंट्रोल घोषित कर दिया है.
क्या शांति बातचीत से सुलझेगा यह मामला?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शांति के लिए स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर को पाकिस्तान भेजा है. वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी पाकिस्तान, ओमान और रूस के दौरे पर हैं. हालांकि, ईरान ने ट्रंप द्वारा दिए गए सीज़फायर विस्तार को ‘बेमानी’ बताया है. ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिकी नौसेना नाकाबंदी नहीं हटाती, वे किसी भी बातचीत की मेज पर वापस नहीं आएंगे.