ईरान ने एक बड़ा फैसला लेते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों के लिए ट्रांजिट शुल्क पूरी तरह खत्म कर दिया है. यह छूट अगले 60 दिनों तक लागू रहेगी. ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) ने इस बात की घोषणा की है.

इस नए नियम के तहत, जो भी व्यापारिक जहाज इस रास्ते से गुजरेंगे, उन्हें कोई फीस नहीं देनी होगी. इन 60 दिनों का पूरा खर्चा ईरान की सरकार खुद उठाएगी. हालांकि, जहाजों को पहले Persian Gulf Strait Authority (PGSA) के पास अपनी अर्जी देनी होगी ताकि उनके रास्ते और समय को तय किया जा सके. PGSA को निर्देश दिए गए हैं कि इन आवेदनों को जल्द से जल्द प्रोसेस किया जाए.

सुरक्षा को लेकर सरकारी अधिकारियों ने साफ कहा है कि जहाजों को दिए गए नियमों और रास्तों का सख्ती से पालन करना होगा. समुद्र में अभी भी कुछ जोखिम हो सकते हैं, इसलिए दुर्घटनाओं से बचने के लिए अधिकारियों द्वारा बताए गए समय और रूट पर ही चलना होगा. साथ ही, एक समझौते (MOU) के तहत समुद्र से बारूदी सुरंगों (mine clearance) को हटाने का काम धीरे-धीरे किया जाएगा.

यह पूरा मामला ईरान और अमेरिका के बीच हुए 14 पॉइंट के एक समझौते का हिस्सा है, जिसका मकसद क्षेत्रीय तनाव को कम करना और व्यापार को फिर से शुरू करना है. इस संबंध में अमेरिका ने भी ईरान के बंदरगाहों के आसपास अपनी नौसेना की नाकाबंदी खत्म कर दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि इस समझौते से यह रास्ता अब खुला और फ्री रहेगा.

60 दिनों की यह मुफ्त सेवा खत्म होने के बाद, ईरान ट्रांजिट टोल की जगह सर्विस फीस लेना शुरू करेगा. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगायी और मुख्य वार्ताकार ने बताया कि भविष्य में यह शुल्क नेविगेशन, सुरक्षा, बीमा और पर्यावरण की सुरक्षा जैसी सुविधाओं के लिए लिया जाएगा.