ईरान में पिछले कुछ समय से चल रहे युद्ध की वजह से वहां आम लोगों का काफी नुकसान हुआ है. सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक स्कूलों और पुलों जैसे नागरिक ढांचों को निशाना बनाया गया है. ईरान की सरकार अब इन टूटी हुई इमारतों को फिर से बनाने में जुटी है ताकि जनजीवन सामान्य हो सके.

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स्कूलों की क्या हालत है और कितनी मरम्मत हुई

ईरान के शिक्षा मंत्री Alireza Kazemi ने बताया कि युद्ध में करीब 1,300 स्कूल क्षतिग्रस्त हुए हैं. इनमें से 775 स्कूलों की मरम्मत का काम पूरा हो चुका है. लगभग 20 स्कूल पूरी तरह तबाह हो गए थे. सरकार का लक्ष्य है कि अक्टूबर तक सबसे ज्यादा खराब हुए स्कूलों को फिर से तैयार कर लिया जाए. इस दौरान बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से जारी रखी गई.

सड़कों और पुलों पर कितना असर पड़ा

सड़कों और शहरी विकास के डिप्टी मिनिस्टर के अनुसार 40 दिनों के युद्ध में 24 पुल और चौराहे निशाने पर थे. उन्होंने साफ़ किया कि इनमें से कोई भी ढांचा सैन्य इस्तेमाल के लिए नहीं था. हमले के तुरंत बाद इन रास्तों को ठीक करने का काम शुरू कर दिया गया था ताकि लोगों को आने-जाने में दिक्कत न हो.

आम लोगों के घरों और दुकानों का कितना नुकसान हुआ

ईरानी सरकार के प्रवक्ता Fatemeh Mohajerani और रेड क्रीसेंट सोसाइटी ने भारी तबाही की जानकारी दी है. फरवरी के आखिर से हुए हमलों में लाखों नागरिक यूनिट्स नष्ट हुए हैं. नुकसान का ब्यौरा नीचे दी गई टेबल में है:

नुकसान वाली चीज़ें संख्या
कुल नागरिक यूनिट्स 1,25,640
घर 1,00,000
दुकानें 20,500
स्वास्थ्य केंद्र 339
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.