ईरान सरकार ने देश में जारी जंग के बीच नुकसान के नए और चौंकाने वाले आंकड़े जारी किए हैं। 29 मार्च 2026 को जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, अब तक 93,233 से ज़्यादा नागरिक सुविधाएं और 600 स्कूल पूरी तरह या आंशिक रूप से तबाह हो चुके हैं। इस संघर्ष के कारण ईरान में लाखों लोग बेघर हो गए हैं और पिछले एक महीने से पूरे देश में इंटरनेट सेवा लगभग ठप पड़ी है।

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ईरान में अब तक कितना हुआ नुकसान?

ईरान के सरकारी विभागों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने नुकसान की अलग-अलग रिपोर्ट पेश की हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार मरने वालों की संख्या 1,937 तक पहुंच गई है, जबकि मानवाधिकार संगठनों ने कम से कम 1,443 मौतों की पुष्टि की है।

नुकसान का विवरण संख्या / स्थिति
कुल नागरिक सुविधाएं 93,233 से अधिक
क्षतिग्रस्त स्कूल 600
नष्ट हुए अस्पताल 60 से अधिक
विस्थापित लोग (Displaced) लगभग 32 लाख
इंटरनेट कनेक्टिविटी सामान्य से सिर्फ 1%

क्षेत्रीय तनाव और दी गई नई चेतावनियां

  • ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Qalibaf ने कहा है कि उनकी सेना अमेरिकी सैनिकों के जमीन पर उतरने का इंतज़ार कर रही है ताकि उन्हें आग के हवाले किया जा सके।
  • IRGC ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने यूनिवर्सिटी पर हमलों की निंदा नहीं की, तो मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी और इजरायली शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाया जाएगा।
  • यमन के Houthis भी इस जंग में कूद पड़े हैं और उन्होंने इज़राइल की ओर मिसाइलें दागना शुरू कर दिया है।
  • Saudi Arabia, पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र इस्लामाबाद में बैठकर इस तनाव को कम करने के लिए बातचीत कर रहे हैं।
  • ईरान रेड क्रेसेंट के प्रमुख ने साफ किया है कि जिनेवा कन्वेंशन के तहत घरों और अस्पतालों पर हमला करना पूरी तरह गलत है।

दूसरी ओर, इज़राइल की सेना (IDF) ने तेहरान में हवाई हमलों का एक और दौर पूरा करने का दावा किया है। संयुक्त राष्ट्र ने इस पूरी स्थिति पर गहरी चिंता जताई है और विस्थापित लोगों की बढ़ती संख्या को लेकर दुनिया को आगाह किया है। इस तनाव का असर सऊदी अरब और खाड़ी के अन्य देशों में रहने वाले प्रवासियों पर भी पड़ सकता है क्योंकि क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बढ़ गया है।