अमेरिका और इसराइल की ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को आज 35 दिन पूरे हो गए हैं। 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ यह संघर्ष अब काफी खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है क्योंकि ईरान ने भी खाड़ी के अन्य इलाकों में पलटवार करना शुरू कर दिया है। पिछले 24 घंटों में तेहरान के पास एक मुख्य पुल को निशाना बनाया गया और कुवैत की तेल रिफाइनरी पर भी ड्रोन हमले की खबर आई है। इस स्थिति से खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीयों और अन्य प्रवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

पिछले 24 घंटों में हुए बड़े नुकसान और हमले

युद्ध के 35वें दिन दोनों तरफ से भारी गोलाबारी और मिसाइल हमले जारी हैं। इन हमलों ने न केवल सैन्य ठिकानों बल्कि आम बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचाया है। मुख्य घटनाओं का विवरण नीचे दिया गया है:

स्थान घटना का विवरण
तेहरान (Tehran) B1 पुल पर हमला हुआ जिसमें 8 आम नागरिकों की जान गई और 95 घायल हुए।
कुवैत (Kuwait) मीना अल-अहमदी तेल रिफाइनरी पर ईरानी ड्रोन ने हमला किया।
इसराइल (Israel) तेल अवीव और यरूशलेम में ईरानी मिसाइलें गिरीं, जिससे अफरातफरी मच गई।
केरमंशा (Kermanshah) IDF ने ईरान के मिसाइल यूनिट कमांडर मकरम अतीमी को मारने का दावा किया।

नेताओं के आधिकारिक बयान और युद्ध की वर्तमान स्थिति

इस संकट के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुबानी जंग भी तेज हो गई है। खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों के लिए यह जानना जरूरी है कि हालात अभी शांत होते नहीं दिख रहे हैं:

  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान नहीं माना तो उसके बिजली घरों और मुख्य पुलों को पूरी तरह नष्ट कर दिया जाएगा।
  • ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा है कि अब अमेरिका के साथ बातचीत का समय खत्म हो गया है और वे अब कड़ा बदला लेंगे।
  • ईरान ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपना नियंत्रण बना रखा है और वहां से निकलने वाले जहाजों से चीनी युआन में टोल वसूला जा रहा है।
  • ब्रिटेन ने अपने सैन्य ठिकानों को अमेरिका के इस्तेमाल के लिए खोल दिया है ताकि रक्षात्मक ऑपरेशन चलाए जा सकें।
  • बहरीन और जॉर्डन ने ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमलों की कड़ी निंदा की है और संयुक्त राष्ट्र में इसके खिलाफ प्रस्ताव पेश किया है।
  • मानवाधिकार विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बिजली और पानी जैसे नागरिक ठिकानों पर हमले करना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.