ईरान और इसराइल के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था में हलचल मचा दी है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आने से अब दुनिया के बड़े केंद्रीय बैंक अपनी पैसों की पॉलिसी बदलने पर मजबूर हैं। इसका सीधा असर आम लोगों की लोन किस्तों और महंगाई पर पड़ सकता है, जिससे भारत सहित गल्फ देशों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।

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दुनिया के बड़े बैंकों के फैसलों में क्या बदलाव आएगा?

इन्वेस्टमेंट फर्म Robeco ने चेतावनी दी है कि तेल की सप्लाई में रुकावट की वजह से कई देश अब ब्याज दरों में कटौती करने का फैसला टाल सकते हैं। अमेरिका के Fed बैंक के नए चेयरमैन Kevin Warsh के आने के बाद इस साल दो बार रेट कटौती की उम्मीद है। वहीं, यूरोप के ECB बैंक में जून और सितंबर में ब्याज दरें 25 बेसिस पॉइंट बढ़ सकती हैं, बशर्ते ब्रेंट क्रूड का भाव 80 डॉलर के आसपास रहे। जापान का बैंक (BoJ) भी अपनी पॉलिसी सख्त कर सकता है क्योंकि वहां मजदूरी में 3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा है।

संस्था/देश संभावित बदलाव/असर मुख्य कारण
US Fed दो बार रेट कटौती नए चेयरमैन Kevin Warsh का नेतृत्व
ECB (यूरोप) जून और सितंबर में 25 bps बढ़ोतरी ब्रेंट क्रूड का भाव 80 डॉलर रहना
Bank of Japan पॉलिसी में सख्ती (Tightening) 3% वेतन वृद्धि और लेबर मार्केट
पाकिस्तान महंगाई 11% के पार जाने का खतरा तेल की बढ़ती कीमतें और क्षेत्रीय युद्ध
भारतीय एविएशन मुनाफे में कमी (Margin Squeeze) कच्चे तेल के महंगे दाम

गल्फ और दुनिया में क्या चल रहा है ताजा अपडेट?

समुद्री रास्तों पर तनाव बहुत ज्यादा है। अमेरिकी सेना के चीफ एडमिरल ब्रैड कूपर ने अरब सागर में USS Tripoli जहाज का दौरा किया, क्योंकि अमेरिकी बल ओमान की खाड़ी में नौसैनिक नाकाबंदी लागू कर रहे हैं। हालांकि, ईरान का एक टैंकर 220 मिलियन डॉलर का तेल लेकर इस नाकाबंदी को तोड़कर एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में पहुँच गया। तेहरान का दावा है कि 50 से ज्यादा जहाजों ने इस नाकाबंदी को पार किया है, जबकि अमेरिका का कहना है कि इससे ईरान की कमाई घट रही है।

दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्री ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की और अमेरिका को एक नया प्रस्ताव दिया है ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोला जा सके और युद्ध खत्म हो। वहीं, इसराइल ने लेबनान में हिजबुल्लाह से जुड़े 50 ठिकानों पर हमले किए हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान युद्ध का आम आदमी की लोन किस्तों पर क्या असर होगा?

युद्ध की वजह से तेल महंगा होता है, जिससे महंगाई बढ़ती है। इसे रोकने के लिए केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती टाल देते हैं या दरें बढ़ा देते हैं, जिससे होम लोन और कार लोन की EMI महंगी हो सकती है।

भारतीय विमानन क्षेत्र (Aviation) पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?

Sparta Commodities के एनालिस्ट अभिषेक कुमार के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से एयरलाइंस का खर्चा बढ़ेगा, जिससे उनके मुनाफे में कमी आएगी और टिकटों के दाम बढ़ सकते हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.