ईरान में छिड़े युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में ऊर्जा का संकट खड़ा हो गया है। यूरोप के देशों में बिजली और गैस की कीमतें बहुत ज़्यादा बढ़ गई हैं, जिससे वहां के आम लोग काफी परेशान हैं। अब लोग अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगवा रहे हैं ताकि वे महंगी बिजली के झटकों से बच सकें।

यूरोप में बिजली और गैस की कीमतों पर क्या असर पड़ा?

ईरान युद्ध के कारण Strait of Hormuz बंद हो गया, जिससे पूरी दुनिया में तेल और गैस की सप्लाई रुक गई। इसका सीधा असर यूरोप पर पड़ा और मार्च 2026 तक गैस की कीमतें 32 यूरो से बढ़कर 50 यूरो प्रति MWh तक पहुंच गईं। अप्रैल 2026 में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर के पार चली गई और जेट फ्यूल के दाम भी दोगुने हो गए।

सोलर पैनल और हीट पंप की मांग में कितनी बढ़ोतरी हुई?

महंगी बिजली से बचने के लिए लोगों ने तेजी से सोलर सिस्टम अपनाना शुरू कर दिया। ब्रिटेन और जर्मनी जैसे देशों में सोलर पैनल की बिक्री में भारी उछाल देखा गया। इस संकट के दौरान ऊर्जा बाजार में आए बदलावों का ब्यौरा नीचे टेबल में दिया गया है:

चीज़/सेवा बढ़ोतरी/कीमत समय/क्षेत्र
गैस की कीमत €32 से €50 (56% वृद्धि) मार्च 2026, यूरोप
सोलर पैनल बिक्री 54% की वृद्धि मार्च 2026, ब्रिटेन
हीट पंप बिक्री 51% की वृद्धि मार्च 2026, ब्रिटेन
Enpal सोलर ऑर्डर 30% की वृद्धि मार्च 2026, जर्मनी
कच्चा तेल $100 प्रति बैरल से ऊपर अप्रैल 2026
EIB फंडिंग 75 अरब यूरो से ज़्यादा अगले 3 साल

सरकारों ने इस संकट से निपटने के लिए क्या किया?

यूरोपीय आयोग ने ‘AccelerateEU strategy’ और ‘Citizens Energy Package’ जैसे नए प्लान शुरू किए हैं। इसका मकसद जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करना और अपने देश में ही साफ ऊर्जा पैदा करना है। European Investment Bank ऊर्जा बदलाव के लिए भारी निवेश करेगा। सरकार का लक्ष्य 2030 तक 150 से 200 GW तक सोलर क्षमता जोड़ना है ताकि भविष्य में ऐसे युद्धों का असर बिजली बिलों पर न पड़े।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.