ईरान और अमेरिका-इसराइल के बीच छिड़ी जंग ने पूरी दुनिया के हवाई सफर को मुश्किल बना दिया है. आसमान में बढ़ते तनाव की वजह से हज़ारों फ्लाइट्स रद्द हो गईं और अब ईंधन की भारी कमी का संकट खड़ा हो गया है. इस वजह से आने वाले दिनों में हवाई टिकटों के दाम और बढ़ सकते हैं जिससे आम यात्रियों और प्रवासियों की परेशानी बढ़ना तय है.

फ्लाइट्स पर क्या असर पड़ा और टिकट क्यों महंगे हुए?

मार्च के शुरुआती दिनों में दुनिया भर में लगभग 2,800 से 3,000 फ्लाइट्स रद्द हुईं, जो कोरोना महामारी के बाद सबसे बड़ी गड़बड़ी थी. कच्चे तेल की कीमतों में 64% की बढ़ोतरी हुई और जेट फ्यूल के दाम कुछ ही हफ्तों में दोगुने हो गए. एयरलाइंस ने संकेत दिए हैं कि अब टिकटों के दाम 5% से 10% तक बढ़ सकते हैं. यात्रा विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध रुकने के बाद भी सेक्टर को पटरी पर आने में कई महीने लगेंगे.

गल्फ देशों और प्रवासियों के लिए क्या हैं नए नियम?

यूरोपीय संघ की एजेंसी EASA ने यूरोपीय एयरलाइंस के लिए UAE और कतर के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी है, जो कम से कम 24 अप्रैल तक लागू रहेगी. अमेरिका ने भी अपने नागरिकों को मध्य पूर्व के कई देशों से तुरंत निकलने की सलाह दी थी. दुबई और दोहा जैसे बड़े ट्रांजिट हब से गुजरने वाले यात्रियों को अब लंबे रूट लेने पड़ रहे हैं, जिससे समय और पैसा दोनों ज़्यादा खर्च हो रहे हैं.

ईंधन की कमी और भविष्य की चेतावनी क्या है?

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के डायरेक्टर फातिह बिरोल ने चेतावनी दी है कि यूरोप के पास अब शायद छह हफ्ते का जेट फ्यूल बचा है. हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद होने की वजह से वहां से कोई ईंधन नहीं जा रहा है, जिससे यूरोप के 40% आयात पर असर पड़ा है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट बन सकता है जिससे एशिया और यूरोप की हवाई सेवाएं पूरी तरह ठप हो सकती हैं.

तारीख मुख्य घटना असर
28 फरवरी 2026 अमेरिका और इसराइल के हमले हवाई क्षेत्र बंद हुए
1-2 मार्च 2026 फ्लाइट्स रद्द होना करीब 6,000 उड़ानें कैंसिल
2 मार्च 2026 अमेरिकी एडवाइजरी नागरिकों को गल्फ छोड़ने को कहा
19 मार्च 2026 ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स रिपोर्ट करोड़ों यात्राओं पर खतरा
14 अप्रैल 2026 यूरोपीय एयरलाइंस की मांग जेट फ्यूल का गंभीर संकट
17 अप्रैल 2026 IEA की चेतावनी यूरोप में 6 हफ्ते का ईंधन बचा
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.