अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों ने न केवल मध्य पूर्व बल्कि ब्रिटेन के आम लोगों की जिंदगी को भी प्रभावित किया है। ब्रिटेन के लोग पहले से ही कई समस्याओं से जूझ रहे थे और अब इस युद्ध की वजह से महंगाई और ईंधन की कीमतों ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। इस पूरे मामले में ब्रिटेन की जनता के बीच काफी गुस्सा और आर्थिक असुरक्षा देखी जा रही है।

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ब्रिटेन के लोग क्यों हैं परेशान और क्या कहता है सर्वे

Ipsos द्वारा 3 से 7 अप्रैल 2026 के बीच किए गए एक सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। ब्रिटेन के लोग इस युद्ध को लेकर काफी नाखुश हैं और उनका असर सीधे उनकी जेब पर पड़ रहा है।

  • ईंधन की चिंता: करीब 86 प्रतिशत लोग पेट्रोल और एनर्जी की बढ़ती कीमतों को लेकर डरे हुए हैं।
  • अर्थव्यवस्था: 85 प्रतिशत लोग ब्रिटेन की पूरी इकोनॉमी के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
  • युद्ध का विरोध: अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमलों का विरोध करने वालों की संख्या मार्च में 56 प्रतिशत थी जो अब बढ़कर 65 प्रतिशत हो गई है।
  • ट्रंप का विरोध: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसलों से 70 प्रतिशत ब्रिटिश लोग सहमत नहीं हैं।

UK सरकार का क्या स्टैंड है और मिलिट्री का क्या रोल रहा

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Sir Keir Starmer ने साफ किया था कि शुरुआती हमलों में ब्रिटेन की कोई भूमिका नहीं थी। हालांकि, बाद में ईरान के हमलों को रोकने के लिए ब्रिटेन ने अपनी मिलिट्री ताकत का इस्तेमाल किया।

  • मिलिट्री तैनाती: ब्रिटेन ने Cyprus में HMS Dragon, Qatar में फाइटर जेट्स और Bahrain, Kuwait व Saudi Arabia में एयर डिफेंस सिस्टम भेजे थे।
  • बेस का इस्तेमाल: प्रधानमंत्री स्टारमर ने अमेरिका को ब्रिटेन के मिलिट्री बेस इस्तेमाल करने की अनुमति दी ताकि ईरान की मिसाइलों को उनके स्रोत पर ही नष्ट किया जा सके।
  • राजनयिक प्रयास: ब्रिटेन ने UN सुरक्षा परिषद के उस प्रस्ताव का समर्थन किया जिसमें ईरान और उसके सहयोगियों से हमले रोकने की मांग की गई थी।

Strait of Hormuz और ग्लोबल इकोनॉमी पर क्या असर पड़ा

ईरान युद्ध की वजह से दुनिया भर में आर्थिक संकट खड़ा हो गया है, जिसका सीधा असर तेल की सप्लाई पर पड़ा है।

मुख्य बिंदु प्रभाव और विवरण
IMF रिपोर्ट IMF ने ईरान युद्ध के कारण 2026 के लिए ग्लोबल ग्रोथ फोरकास्ट में कटौती की है।
Strait of Hormuz इस जलमार्ग के बंद होने से ग्लोबल सप्लाई चेन बिगड़ गई और तेल की भारी किल्लत हुई।
सीजफायर पाकिस्तान की मध्यस्थता से 8 अप्रैल 2026 को एक सशर्त युद्धविराम हुआ था।
ईंधन के दाम अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों में पेट्रोल पंपों पर कीमतों में भारी उछाल देखा गया।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान युद्ध की शुरुआत कब हुई थी

यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था जब अमेरिका और इसराइल ने ईरान के सैन्य और सरकारी ठिकानों पर हवाई हमले किए थे।

ब्रिटेन की जनता इस युद्ध से क्यों परेशान है

ब्रिटिश जनता मुख्य रूप से ईंधन और ऊर्जा की बढ़ती कीमतों और अर्थव्यवस्था में आने वाली गिरावट की वजह से परेशान है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com