ईरान में चल रहे युद्ध ने पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है, जिसका सीधा असर अब Southeast Asia के देशों पर दिख रहा है। तेल और गैस के लिए मिडिल ईस्ट पर निर्भर रहने वाले देश अब अपनी रणनीति बदल रहे हैं। तेल की बढ़ती कीमतों और सप्लाई में रुकावट के डर से अब ये देश न्यूक्लियर एनर्जी यानी परमाणु ऊर्जा को अपनाने की तैयारी कर रहे हैं ताकि भविष्य में बिजली और ईंधन की कमी न हो।

न्यूक्लियर एनर्जी की तरफ क्यों बढ़ रहे हैं ये देश?

दुनिया का करीब 20% तेल व्यापार Strait of Hormuz के रास्ते होता है। ईरान युद्ध की वजह से इस रास्ते के बंद होने का खतरा बढ़ गया है, जिससे ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं। Citi के कमोडिटी स्ट्रैटेजिस्ट Arkady Gevorkyan ने बताया कि तेल और गैस में रुकावट आने से बिजली बनाने का खर्चा बढ़ गया है। ऐसे में सुरक्षित और स्थिर बिजली के लिए न्यूक्लियर एनर्जी एक अच्छा विकल्प है।

कौन से देश क्या तैयारी कर रहे हैं?

  • मलेशिया: यहाँ के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर Fadillah Yusof ने MyPower एजेंसी को न्यूक्लियर पावर की संभावनाओं की जांच करने का काम सौंपा है। यह काम IAEA के नियमों के तहत होगा।
  • वियतनाम: वियतनाम ने रूस के साथ एक बड़ा समझौता किया है। इसके तहत 2,400 मेगावाट का एक प्लांट लगाया जाएगा, जो 2030 तक चालू होने की उम्मीद है।
  • फिलीपींस: Philippine Nuclear Research Institute की Alvie Asuncion-Astronomo ने कहा कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने देश को परमाणु ऊर्जा की तरफ बढ़ने के लिए मजबूर किया है। इससे देश की एनर्जी सिक्योरिटी बेहतर होगी।

परमाणु ऊर्जा अपनाने में क्या चुनौतियां हैं?

न्यूक्लियर एनर्जी आसान नहीं है। Ember थिंक-टैंक की सीनियर एनर्जी एनालिस्ट Dr. Dinita Setyawati के मुताबिक, इसके लिए बहुत ज्यादा पैसे और लंबे समय के निवेश की जरूरत होती है। इसके लिए कुशल कर्मचारी, सख्त सुरक्षा नियम और सही जगह का चुनाव करना सबसे बड़ी चुनौती है, जिसमें कई साल या दशक लग सकते हैं।

देश/संस्था मुख्य कदम/अपडेट लक्ष्य/प्रभाव
मलेशिया MyPower के जरिए स्टडी शुरू ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता
वियतनाम रूस के साथ समझौता 2030 तक 2,400 MW प्लांट
फिलीपींस न्यूक्लियर प्रयासों में तेजी तेल पर निर्भरता कम करना
SE Asia लीडर्स 8 मई 2026 को संकट योजना लागू फ्यूल रिजर्व और पावर ग्रिड बनाना

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz का तेल व्यापार में क्या महत्व है?

यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है, जहाँ से वैश्विक तेल व्यापार का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है। इसके बंद होने से पूरी दुनिया में ईंधन की किल्लत और महंगाई बढ़ जाती है।

वियतनाम और रूस के बीच क्या समझौता हुआ है?

वियतनाम ने रूस के साथ एक रणनीतिक समझौता किया है, जिसके तहत साल 2030 तक 2,400 मेगावाट क्षमता वाला एक परमाणु ऊर्जा प्लांट शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.