ईरान में जंग के असर से अब आम लोगों की सेहत और जेब दोनों पर संकट आ गया है. वहां दवाओं की कीमतें इतनी बढ़ गई हैं कि साधारण इलाज कराना भी मुश्किल हो रहा है. ईरान के सरकारी अधिकारियों ने इसके पीछे युद्ध और औद्योगिक नुकसान को जिम्मेदार ठहराया है. इस संकट का असर अब सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रहा बल्कि दुनिया के कई अन्य देशों में भी दवाइयां महंगी होने लगी हैं.

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ईरान में दवाओं के दाम क्यों बढ़े?

ईरान के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के प्रमुख Mehdi Pirsalehi ने बताया कि युद्ध की वजह से देश के पेट्रोकेमिकल और स्टील सेक्टर को भारी नुकसान हुआ है. दवाओं को बनाने के लिए जिन कच्चे माल की जरूरत होती है, वे पेट्रोकेमिकल सेक्टर से आते हैं. इसके अलावा, Strait of Hormuz के बंद होने से सप्लाई चेन पूरी तरह टूट गई है.

  • परिवहन लागत: हवाई माल ढुलाई (Air Freight) का खर्च दोगुना हो गया है.
  • सप्लाई चेन: फारस की खाड़ी के रास्ते होने वाली सप्लाई में बाधा आई है.
  • आर्थिक संकट: इंटरनेट शटडाउन और प्रतिबंधों ने हालात को और बिगाड़ दिया है.

दवाइयों की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी हुई?

ईरान के साथ-साथ भारत और ब्रिटेन जैसे देशों में भी दवाओं के दाम बढ़े हैं. नीचे दी गई टेबल से आप समझ सकते हैं कि अलग-अलग जगह कीमतों पर क्या असर पड़ा है.

जगह/दवा का नाम कीमत में बढ़ोतरी
ईरान (कुछ खास दवाएं) 380% तक
ईरान (आम दवाएं – औसत) 90%
ईरान (सप्लीमेंट और विटामिन) 200% से ज्यादा
भारत (कॉमन पेनकिलर्स) 96%
इंग्लैंड (पैरासिटामोल और हे फीवर दवाएं) 20-30%
हवाई माल ढुलाई खर्च (Air Freight) 100% (दोगुना)

दुनिया के दूसरे देशों और प्रवासियों पर क्या असर होगा?

ब्रिटेन की NHS ने दवाओं की कमी को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है. वहां के विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं पेट्रोकेमिकल्स पर निर्भर हैं, इसलिए कीमतें बढ़ना तय है. भारत में भी दर्द निवारक दवाओं के दाम करीब 96% तक बढ़ चुके हैं. जो लोग विदेश में रहते हैं या अक्सर यात्रा करते हैं, उन्हें दवाओं के बढ़ते दामों और संभावित किल्लत का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि जेनेरिक दवा बनाने वाली कंपनियां बढ़ते खर्च के कारण कुछ दवाएं बनाना बंद कर सकती हैं.

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान में दवाइयां महंगी होने का मुख्य कारण क्या है?

ईरान के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक युद्ध की वजह से पेट्रोकेमिकल और स्टील सेक्टर प्रभावित हुए हैं और Strait of Hormuz बंद होने से सप्लाई चेन बाधित हुई है.

क्या इस युद्ध का असर भारत में भी दिख रहा है?

हाँ, सप्लाई चेन में दिक्कत आने की वजह से भारत में कुछ आम पेनकिलर्स (दर्द निवारक दवाओं) की कीमतों में 96% तक की बढ़ोत्तरी देखी गई है.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.