अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि चीन के नेता Xi Jinping ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि बीजिंग इस युद्ध के दौरान ईरान को हथियार नहीं भेजेगा. ट्रंप ने यह जानकारी 19 मई 2026 को दी, जिससे पूरी दुनिया की नजरें अब ईरान और चीन के रिश्तों पर टिक गई हैं.

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चीन और अमेरिका के बीच क्या हुई बात?

President Donald Trump ने हाल ही में चीन का तीन दिनों का दौरा किया था, जो 14-15 मई 2026 के आसपास खत्म हुआ. इस मुलाकात में ईरान और इलाके की स्थिरता पर चर्चा हुई. ट्रंप ने Xi Jinping के वादे को “खूबसूरत” और एक “बड़ा बयान” बताया है. दोनों देशों ने इस बात पर भी सहमति जताई कि Strait of Hormuz को खुला रखना होगा और ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए. चीन ईरान का सबसे बड़ा तेल खरीदार है, इसलिए उसकी बात का काफी असर होता है.

ईरान पर हमले का प्लान क्यों बदला?

ट्रंप ने बताया कि वह ईरान पर सैन्य हमला करने के बेहद करीब थे और फैसला लेने में सिर्फ एक घंटे की दूरी पर थे. लेकिन उनके खाड़ी सहयोगियों, जिनमें Qatar, Saudi Arabia और UAE शामिल हैं, ने उनसे इस हमले को टालने की विनती की. इस वजह से ट्रंप ने हमला रोक दिया और अब तेहरान के साथ गंभीर बातचीत चल रही है. हालांकि, उपराष्ट्रपति JD Vance ने 19 मई 2026 को साफ किया कि अगर परमाणु बातचीत फेल हुई तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है.

ईरान पर नए प्रतिबंध और मौजूदा हालात

बातचीत के बीच अमेरिका ने 19 मई 2026 को ईरान के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं. US Department of State ने कई करेंसी एक्सचेंज हाउस, कंपनियों और 19 जहाजों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं. ये नेटवर्क चीन और हांगकांग के जरिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को तोड़कर ईरान की सेना की मदद कर रहे थे. बता दें कि अमेरिका और इजराइल का ईरान के साथ युद्ध फरवरी 2026 में शुरू हुआ था, जिसमें अप्रैल की शुरुआत से एक कमजोर युद्धविराम लागू है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या चीन अब भी ईरान की मदद कर रहा है?

राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार Xi Jinping ने वादा किया है कि चीन युद्ध के दौरान ईरान को हथियार नहीं भेजेगा, लेकिन अमेरिका ने अभी भी चीन और हांगकांग में चल रहे कुछ ईरानी वित्तीय नेटवर्कों पर प्रतिबंध लगाए हैं.

खाड़ी देशों ने ट्रंप से क्या अपील की थी?

Qatar, Saudi Arabia और UAE ने ट्रंप से ईरान पर होने वाले नियोजित सैन्य हमले को स्थगित करने का अनुरोध किया था, ताकि बातचीत के जरिए समाधान निकाला जा सके.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.