ईरान में जारी युद्ध के बीच नागरिक संपत्तियों को भारी नुकसान होने की खबरें आ रही हैं। सऊदी न्यूज़ की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक जंग की शुरुआत से अब तक ईरान में 81,365 नागरिक इकाइयां क्षतिग्रस्त हुई हैं। इनमें 61,555 रिहायशी घर और 19,000 व्यापारिक केंद्र शामिल हैं। यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था और तब से अब तक तबाही का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।

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ईरान में अब तक संपत्तियों को कितना नुकसान हुआ है?

ईरानी रेड क्रेसेंट और सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस जंग में केवल घर ही नहीं बल्कि स्कूल और अस्पताल भी तबाह हुए हैं। अमेरिकी यूनिवर्सिटी के सैटेलाइट विश्लेषण से पता चला है कि तेहरान, बंदर अब्बास, शिराज और इस्फ़हान जैसे बड़े शहरों में सबसे ज्यादा बर्बादी देखी गई है। युद्ध के कारण लाखों लोग प्रभावित हुए हैं और बुनियादी ढांचे को गहरा धक्का लगा है।

प्रभावित संपत्ति का प्रकार कुल संख्या
कुल नागरिक इकाइयां (Civil Units) 81,365
रिहायशी घर (Residential Units) 61,555
व्यापारिक केंद्र (Commercial Units) 19,000
स्वास्थ्य केंद्र (Medical Centers) 236
स्कूल और शिक्षण संस्थान 120 से अधिक

युद्ध के कारण मानवीय और पर्यावरणीय संकट

ईरान में चल रहे हमलों ने मानवीय संकट के साथ-साथ पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक शुरुआती 14 दिनों में ही 5 मिलियन टन ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन हुआ है जो एक जलवायु आपदा की ओर इशारा करता है। सऊदी अरब ने इस स्थिति पर कड़ी नजर रखी हुई है और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं।

  • युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी।
  • तेहरान और बंदर अब्बास सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों में शामिल हैं।
  • रेड क्रेसेंट की मानवीय मदद वाली गाड़ियों को भी निशाना बनाने की खबरें आई हैं।
  • सऊदी अरब ने ईरानी राजनयिकों के खिलाफ सुरक्षा कारणों से कार्रवाई की है।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.