ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर बहुत कड़े बयान दिए हैं। उनके इस बयान का ईरान में काफी स्वागत हो रहा है। तेहरान ने साफ कह दिया है कि वह इस समुद्री रास्ते पर अपना नियंत्रण रखेगा और दुश्मन के किसी भी गलत इस्तेमाल को खत्म करेगा। यह चेतावनी पूरे Gulf क्षेत्र के लिए है ताकि क्षेत्रीय देश अमेरिका से दूरी बनाएं।

ℹ: ईरान का बड़ा ऐलान, पर्शियन गल्फ की सुरक्षा पर नहीं होगा कोई समझौता, पड़ोसी देशों को दी सख्त चेतावनी.

होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर ईरान का क्या है दावा?

ईरान का कहना है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर उसका स्वाभाविक अधिकार है और अब हालात बदल चुके हैं। इस रणनीतिक रास्ते पर ईरान का नियंत्रण रहेगा जिससे पड़ोसी देशों को भी फायदा होगा।

  • पाबंदी: 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए युद्ध के बाद से ईरान ने इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर पाबंदी लगा दी है।
  • शर्तें: इस जलमार्ग को फिर से खोलने के लिए ईरान ने तीन शर्तें रखी हैं, जिसमें अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को हटाना मुख्य है।
  • सहयोग: रूस ने 28 अप्रैल 2026 को ईरान के इस नियंत्रण का समर्थन किया और यमन ने भी 30 अप्रैल 2026 को ईरान के कदमों की तारीफ की।
  • छूट: ईरान ने रूस और अपने कुछ मित्र देशों को ट्रांजिट शुल्क में छूट दी है।

अमेरिकी सैन्य ठिकानों को चेतावनी और सैन्य ताकत

मोजतबा खामेनेई ने क्षेत्रीय देशों को चेतावनी दी है कि वे अपनी जमीन पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों को जगह न दें क्योंकि इससे बाहरी हस्तक्षेप बढ़ता है। रिपोर्ट के अनुसार ईरान के हमलों में कुवैत, कतर और बहरीन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भारी नुकसान हुआ है, जिसकी मरम्मत में अरबों डॉलर लग सकते हैं।

अपनी सैन्य क्षमता बढ़ाने के लिए ईरान अब नए हथियारों का इस्तेमाल कर रहा है।

  • गुप्त हथियार: नौसेना कमांडर रियर एडमिरल शाहराम ने हूट सुपर टॉरपीडो जैसे गुप्त हथियारों की धमकी दी है जो पानी के नीचे युद्धपोतों को तबाह कर सकते हैं।
  • मच्छर बेड़ा: ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में छोटी और तेज मिसाइल नौकाओं को तैनात किया है, जिसे मच्छर बेड़ा कहा जाता है। यह बेड़ा दुनिया की तेल आपूर्ति को रोकने की क्षमता रखता है।

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव की वजह

दोनों देशों के बीच तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमले किए थे, जिसके बाद 8 अप्रैल 2026 को युद्धविराम हुआ। अमेरिका ने ईरान के कुछ व्यापारिक जहाजों को जब्त किया है, जिसे ईरान समुद्री डकैती कह रहा है। 1 मई 2026 को सरकारी टेलीविजन पर आए बयान में खामेनेई ने कहा कि फारस की खाड़ी का भविष्य अब अमेरिका के बिना होगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

होर्मुज़ जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए ईरान की क्या शर्तें हैं

ईरान ने इस जलमार्ग को फिर से खोलने के लिए तीन शर्तें रखी हैं, जिनमें सबसे मुख्य शर्त अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को पूरी तरह हटाना है।

ईरान के हमलों से किन अमेरिकी ठिकानों को नुकसान पहुंचा है

ईरान के हमलों से खाड़ी क्षेत्र में स्थित कुवैत, कतर और बहरीन के अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान हुआ है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com