ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने 15 मार्च 2026 को खाड़ी देशों के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी की है। इस चेतावनी में पर्शियन गल्फ के प्रमुख तेल पोर्ट और टर्मिनल्स के पास रहने वाले लोगों को तुरंत वह जगह खाली करने को कहा गया है। इसके साथ ही ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने साफ़ किया है कि अगर ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर कोई भी हमला होता है, तो मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी कंपनियों को सीधा निशाना बनाया जाएगा। इस खबर के बाद खाड़ी देशों में काम करने वाले लोगों और कंपनियों के बीच सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ गई है।

खाड़ी देशों में तेल पोर्ट्स पर क्या अलर्ट जारी हुआ है?

IRGC ने अपनी इस चेतावनी को एक एहतियाती कदम बताया है ताकि अगर खाड़ी में कोई तनाव बढ़ता है तो आम नागरिकों की जान बचाई जा सके। इस अलर्ट के बाद सऊदी अरब, UAE और कुवैत जैसे प्रमुख गल्फ देशों में तेल पोर्ट्स के आसपास सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी कर दी गई है।

अभी तक कोई आधिकारिक रूप से समुद्री रास्ता बंद करने का नियम लागू नहीं हुआ है। लेकिन IRGC की इस चेतावनी के बाद व्यापारिक जहाजों और स्थानीय आबादी के लिए इसे एक रेड जोन की तरह माना जा रहा है। खाड़ी देशों में लाखों भारतीय और अन्य प्रवासी काम करते हैं, जिनमें से एक बड़ी संख्या तेल कंपनियों और पोर्ट्स से जुड़ी है। ऐसे में इन इलाकों में काम करने वालों को स्थानीय सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।

अमेरिका और उसकी कंपनियों को क्या धमकी मिली है?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने अपने बयान में कहा है कि ईरान के जवाब का दायरा अब सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहेगा। अगर बाहरी ताकतों ने ईरान की एनर्जी सिक्योरिटी पर हमला किया, तो मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिका की कॉर्पोरेट और आर्थिक संपत्तियों पर जवाबी कारवाई की जाएगी।

इसका मतलब है कि अमेरिका से जुड़ी प्राइवेट कंपनियों और उनके हेडक्वार्टर को साइबर या सीधे हमले का सामना करना पड़ सकता है। मिडिल ईस्ट और नॉर्थ अफ्रीका (MENA) रीजन में कई बड़ी अमेरिकी कंपनियां मौजूद हैं। इस बयान के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर हाई अलर्ट रखा गया है और कंपनियों के कामकाज पर भी नजर रखी जा रही है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.