ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कुड्स फोर्स कमांडर ब्रिगेडियर जनरल Esmaeil Qaani ने इसराइल को बहुत कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ़ तौर पर कहा है कि इसराइल अपनी सेना को लेबनान से तुरंत बाहर निकाल ले। अगर इसराइल अपनी मर्जी से पीछे नहीं हटा, तो उसे अपमानजनक हार का सामना करना पड़ेगा।
साल 2000 की याद दिलाई
ब्रिगेडियर जनरल Esmaeil Qaani ने सोशल मीडिया और रशिया टुडे को दिए इंटरव्यू में कहा कि अगर इसराइल की सेना लेबनान के दक्षिणी हिस्से से बाहर नहीं निकली, तो साल 2000 जैसा मंजर फिर से दिखेगा। साल 2000 में इसराइल को लेबनान से पीछे हटना पड़ा था। उन्होंने यह दावा भी किया कि पिछले चार दिनों की लड़ाई में इसराइल के 100 सैनिक मारे गए हैं।
ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत
ईरानी अधिकारियों का कहना है कि इस इलाके में शांति तभी आएगी जब इसराइल लेबनान की जमीन छोड़ देगा। हाल ही में साइन हुए इस्लामबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) की कामयाबी भी इसी बात पर टिकी है कि सभी मोर्चों पर लड़ाई बंद हो। वहीं, ईरान के सुप्रीम लीडर के सलाहकार ने इस पूरी स्थिति के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है और कहा है कि अमेरिका इस तनाव को बढ़ा रहा है।
इसराइल का क्या है कहना
दूसरी तरफ, इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने 21 जून 2026 को कहा कि ईरान के खिलाफ उनके सैन्य अभियानों ने ईरान की सरकार को गिराने के हालात पैदा कर दिए हैं। उन्होंने साफ़ किया कि सुरक्षा के लिए इसराइल गाज़ा, सीरिया और लेबनान में अपनी सुरक्षा चौकियां बनाए रखेगा।
लेबनान में मौजूदा हालात
- लड़ाई की शुरुआत: Hezbollah और इसराइल के बीच यह संघर्ष 2 मार्च 2026 से चल रहा है।
- कब्ज़ा: फिलहाल इसराइल की सेना लेबनान के करीब 6 प्रतिशत हिस्से पर कब्ज़ा किए हुए है।
- नुकसान: इस लड़ाई में अब तक लेबनान में 4,000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और काफी तबाही हुई है।
- कूटनीतिक प्रयास: ईरान और अमेरिका के बीच स्विट्जरलैंड में बातचीत चल रही है ताकि इस विवाद को सुलझाया जा सके।
अब चर्चा इस बात पर हो रही है कि लेबनान में एक ‘डीकनफ्लिक्शन सेल’ बनाया जाए ताकि दोनों तरफ से टकराव को कम किया जा सके। इसमें Aoun, Vance, Kushner और अल-थानी जैसे बड़े नाम शामिल हो सकते हैं।
