ईरान और इसराइल के बीच जारी तनाव एक बार फिर से बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। 1 जून 2026 को ईरान की सेना के मुख्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अबोलफज़ल शेकरची ने एक बेहद कड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि लेबनान में मासूम लोगों पर हो रहे अत्याचार को ईरान की सेना अब और बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगी। ईरान ने इसके लिए सीधे तौर पर इसराइल और अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है।

लेबनान में 3,000 से अधिक लोगों की मौत और ईरान का गुस्सा

ब्रिगेडियर जनरल अबोलफज़ल शेकरची ने आरोप लगाया है कि इसराइली सेना ने संघर्ष विराम (ceasefire) के मौके का फायदा उठाया और लेबनान की सीमा में घुसपैठ की। इस सैन्य कार्रवाई के कारण 2 मार्च 2026 से अब तक 3,000 से अधिक निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। इसके साथ ही ईरान ने इस मामले पर पश्चिमी देशों की चुप्पी पर भी तीखे सवाल उठाए हैं और इसे मानवता के खिलाफ बड़ा अपराध बताया है।

अमेरिका और इसराइल पर लगे संघर्ष विराम उल्लंघन के गंभीर आरोप

ईरान के भीतर से इस मामले पर कई बड़े बयान सामने आए हैं। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने कहा है कि लेबनान में लगातार हो रहे हमले और ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नौसेना द्वारा की जा रही नाकेबंदी यह साफ करती है कि अमेरिका समझौते का पालन नहीं कर रहा है। वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने साफ किया है कि लेबनान में संघर्ष विराम की स्थापना ईरान और अमेरिका के बीच किसी भी समझौते का एक बेहद जरूरी हिस्सा है। उन्होंने अमेरिका पर इसराइली हमलों का समर्थन करने का सीधा आरोप लगाया है।

कैसा है वर्तमान माहौल?

लेबनान में अप्रैल की शुरुआत से ही पाकिस्तान की मध्यस्थता वाला एक बेहद नाजुक संघर्ष विराम लागू है, लेकिन इसके बावजूद जमीनी स्तर पर हमले लगातार जारी हैं। इसके साथ ही अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी भी जारी है, जिससे तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। ईरान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व की ओर से आए इन कड़े बयानों के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

लेबनान में कितने लोगों की मौत का दावा किया गया है?

ईरानी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, लेबनान में 2 मार्च 2026 से अब तक हुए हमलों में 3,000 से अधिक निर्दोष नागरिकों की जान जा चुकी है, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।

ईरान ने अमेरिका पर क्या आरोप लगाए हैं?

ईरान ने अमेरिका पर संघर्ष विराम समझौते का पालन न करने, ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी बनाए रखने और लेबनान में इसराइली सैन्य कार्रवाई का समर्थन करने का आरोप लगाया है।