ईरान और पड़ोसी खाड़ी देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अगर उनके परमाणु संयंत्रों पर कोई भी हमला होता है, तो इससे निकलने वाला परमाणु रिसाव बहरीन, यूएई, कुवैत और कतर जैसे देशों की राजधानियों को पूरी तरह बर्बाद कर सकता है. यह चेतावनी 4 अप्रैल 2026 को जारी की गई है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लाखों भारतीयों और अन्य प्रवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर चर्चा शुरू हो गई है.

किन देशों और शहरों पर पड़ेगा सबसे ज़्यादा असर

ईरान के विदेश मंत्री के मुताबिक, बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि वहां से निकलने वाली रेडियोधर्मी लहरें तेहरान के बजाय खाड़ी देशों की तरफ तेज़ी से पहुंचेंगी. हवा के रुख और कम दूरी की वजह से पड़ोसी देशों की राजधानियों में जीवन समाप्त होने का खतरा है. ईरान का कहना है कि वे इन हमलों पर चुप नहीं रहेंगे. इस चेतावनी में मुख्य रूप से इन शहरों का ज़िक्र किया गया है:

  • बहरीन: इसकी राजधानी मनामा पर सीधा असर पड़ने की संभावना है.
  • संयुक्त अरब अमीरात (UAE): अबू धाबी और दुबई जैसे बड़े शहर रेडिएशन की ज़द में आ सकते हैं.
  • कुवैत: कुवैत सिटी में रेडिएशन का बहुत ज़्यादा खतरा बताया गया है.
  • कतर: दोहा शहर भी इस परमाणु रिसाव से प्रभावित हो सकता है.
  • सऊदी अरब: रियाद शहर को भी संभावित प्रभावित इलाकों की सूची में रखा गया है.

ताज़ा हालात और परमाणु एजेंसी की रिपोर्ट

अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रॉसी ने इन घटनाओं पर गहरी चिंता जताई है और कहा है कि परमाणु ऊर्जा संयंत्रों पर कभी हमला नहीं होना चाहिए. हालांकि, राहत की बात यह है कि अभी बुशहर संयंत्र के आसपास विकिरण के स्तर में कोई बढ़ोतरी दर्ज नहीं की गई है. रूस की कंपनी रोसाटॉम, जो इस संयंत्र में काम करती है, उसने सुरक्षा के लिहाज़ से अपने कर्मचारियों को वहां से निकालना शुरू कर दिया है. नीचे दी गई टेबल में घटना की मुख्य जानकारी दी गई है:

मुख्य विवरण जानकारी
बयान की तारीख 4 अप्रैल, 2026
जारी करने वाले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची
खतरे का मुख्य कारण रेडियोधर्मी रिसाव (Radiation)
संयंत्र का नाम बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Bushehr)
IAEA की पुष्टि अभी रेडिएशन का स्तर सामान्य है

कुवैत ने भी पहले सावधानी बरतते हुए अपने नागरिकों और प्रवासियों को घर के अंदर रहने की सलाह जारी की थी. ईरान का दावा है कि तेहरान इस संयंत्र से काफी दूर है, इसलिए वहां नुकसान कम होगा, लेकिन खाड़ी के पड़ोसी देश इसकी चपेट में जल्दी आएंगे.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com