ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों के लिए एक सख्त चेतावनी जारी की है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने साफ कहा है कि जो जहाज बिना अनुमति के इस इलाके में प्रवेश करेंगे, उनके साथ सख्ती से निपटा जाएगा। यह चेतावनी 25 जून 2026 को दी गई है।

IRGC ने स्पष्ट किया है कि जहाजों के लिए केवल वही रास्ता मान्य है जो ईरान ने तय किया है। यह रास्ता लारक आइलैंड के पास ईरान के तट के किनारे से होकर जाता है। ईरान ने उन नए रास्तों को पूरी तरह खतरनाक और अस्वीकार्य बताया है, जिनकी घोषणा कुछ अधिकारियों ने ईरान के साथ तालमेल किए बिना की है।

नियम और आवेदन की प्रक्रिया

ईरान की ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ (PGSA) ने नए नियम लागू किए हैं। इसके तहत किसी भी जहाज को होर्मुज़ जलडमरूमध्य में पहुंचने से कम से कम 48 घंटे पहले आवेदन जमा करना होगा। सभी जहाजों के लिए चैनल 16 के जरिए IRGC नेवी के साथ तालमेल बिठाना अनिवार्य होगा।

फीस के मामले में, ईरान और अमेरिका के बीच 17 जून 2026 को एक समझौता (MoU) हुआ था। इस समझौते के तहत 60 दिनों तक कमर्शियल जहाजों का रास्ता मुफ्त रहेगा और सुरक्षा व पर्यावरण सेवाओं का खर्च ईरानी सरकार उठाएगी। हालांकि, भविष्य में ईरान यहाँ सर्विस फीस लगाने की तैयारी में है।

ओमान के नए रूट और विवाद

23 जून 2026 को ओमान और ईरान ने इस जलमार्ग को सुरक्षित रखने की बात कही थी। ओमान के परिवहन मंत्रालय और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने बारूदी सुरंगों के खतरे को देखते हुए दो अस्थायी रास्ते शुरू किए थे। लेकिन ईरान ने इन रास्तों को गलत बताया है। इसी बीच, ‘स्टोइक वॉरियर’ नाम का एक लाइबेरियाई तेल टैंकर ओमान के तट के पास वाले नए रास्ते से गुजरा, जिसके बाद ईरान ने अपनी चेतावनी और तेज कर दी।

बड़े नेताओं के बयान

  • मार्को रुबियो (अमेरिकी विदेश मंत्री): इन्होंने साफ किया कि अमेरिका अपने खाड़ी सहयोगियों के हितों की रक्षा करेगा और इस अंतरराष्ट्रीय रास्ते पर किसी भी तरह का टोल टैक्स लगाने का विरोध करेगा।
  • अंजुआर गरगाश (यूएई डिप्लोमैट): इन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि वह इस रास्ते में कोई रुकावट न डाले और अरब देशों पर कोई नई भौगोलिक शर्तें न थोपे।
  • मोहम्मद बाकर कालिबाफ (ईरान संसद स्पीकर): उन्होंने कहा कि इस जलमार्ग का प्रबंधन अब ईरान के हाथ में रहेगा और यह पुराने तरीके से काम नहीं करेगा।