ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान ने उन देशों को सीधी चेतावनी दी है जो अमेरिका और इजराइल को अपने सैन्य अड्डे उपलब्ध करा रहे हैं। ईरान का कहना है कि अपनी रक्षा के लिए वह किसी भी हद तक जा सकता है और ऐसी मदद करने वाले देशों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जवाबदेह ठहराया जाएगा।
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ईरान ने किन देशों को चेतावनी दी और क्या है पूरा मामला?
- सैन्य अड्डों पर आपत्ति: संयुक्त राष्ट्र में ईरान के दूत Amir Saeid Iravani ने छह अरब देशों के पत्र का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि इन देशों ने United States और Israel को अपने सैन्य ठिकाने देकर ईरान के खिलाफ कार्रवाई में मदद की है।
- आत्मरक्षा का अधिकार: ईरान ने साफ किया कि उसकी सैन्य कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून के हिसाब से है। वह संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल कर रहा है।
- जवाबदेही की चेतावनी: ईरानी दूत ने चेतावनी दी कि जो देश अपनी जमीन, हवाई क्षेत्र या जलक्षेत्र का इस्तेमाल ईरान पर हमलों के लिए होने देंगे, उन्हें इसकी जिम्मेदारी उठानी होगी।
ईरान की सैन्य तैयारी और अमेरिका के साथ तनाव की ताजा स्थिति क्या है?
ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान मौजूदा युद्धविराम का फायदा उठाकर अपनी ड्रोन और मिसाइल क्षमता को फिर से बढ़ा रहा है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान पूरे मध्य पूर्व में हमले करने के लिए खुद को तैयार कर रहा है।
- अमेरिकी राष्ट्रपति का फैसला: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध को 60 दिनों से ज्यादा बढ़ाने के लिए कांग्रेस में प्रस्ताव पेश करने की योजना को फिलहाल टाल दिया है।
- समुद्री संप्रभुता: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने चेतावनी दी कि फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसैनिक पाबंदी थोपने की कोशिश के गंभीर परिणाम होंगे।
- त्वरित कार्रवाई: नौसेना कमांडर शाहराम ईरानी ने अमेरिका को आगाह किया कि यदि सैन्य गतिविधियां बढ़ीं, तो तेहरान तुरंत कड़ी कार्रवाई करेगा।
परमाणु क्षमता और मानवाधिकारों पर क्या जानकारी सामने आई है?
ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा अली खामेनेई ने साफ कर दिया है कि देश अपनी परमाणु और मिसाइल क्षमताओं पर कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन के लिए नए नियम भी जारी किए हैं।
- परमाणु निगरानी: ईरान के प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उसका समृद्ध यूरेनियम हमेशा IAEA की निगरानी में रहा है। ईरान को साल 2026 के NPT समीक्षा सम्मेलन का उपाध्यक्ष चुना गया है।
- मानवाधिकारों का मुद्दा: संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार अधिकारी वोल्कर तुर्क ने 29 अप्रैल 2026 को ईरान में विरोध करने वालों के दमन और हजारों गिरफ्तारियों की निंदा की।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने अपनी सैन्य कार्रवाई को सही ठहराने के लिए किस नियम का हवाला दिया है?
ईरान ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 का हवाला दिया है, जो किसी सदस्य देश पर सशस्त्र हमले की स्थिति में उसे आत्मरक्षा का स्वाभाविक अधिकार देता है।
अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा युद्धविराम की क्या स्थिति है?
फिलहाल युद्धविराम चल रहा है, लेकिन ईरान अपनी मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को दोबारा बढ़ा रहा है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नए सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।