ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने ब्रिटेन को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर ब्रिटेन ने अपने सैन्य ठिकानों (Military Bases) का इस्तेमाल अमेरिका को ईरान के खिलाफ हमला करने के लिए दिया, तो इसे सीधे तौर पर आक्रामकता में भागीदारी माना जाएगा। 20 मार्च 2026 को ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर के साथ फोन पर हुई बातचीत में यह बात कही गई।

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ईरान और ब्रिटेन के बीच क्या बातचीत हुई?

अब्बास अराक्ची ने अपनी बातचीत में स्पष्ट किया कि ब्रिटिश बेस का किसी भी तरह का इस्तेमाल दोनों देशों के रिश्तों के इतिहास में दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल द्वारा किए जा रहे हमले अंतरराष्ट्रीय नियमों और कानूनी सिद्धांतों का उल्लंघन हैं। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 का हवाला देते हुए कहा कि उसे अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है। विदेश मंत्री ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि पड़ोसी देशों में मौजूद अमेरिकी बेस का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हो रहा है।

क्षेत्र में बढ़ते तनाव और ताजा हालात

पिछले 24 घंटों में इस विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। इजरायल और अमेरिका के साथ ईरान का यह संघर्ष अब 21वें दिन में प्रवेश कर चुका है। खाड़ी देशों में भी इसका असर देखने को मिल रहा है, जिससे वहां रहने वाले प्रवासियों और व्यापार पर असर पड़ने की संभावना है।

प्रमुख घटना विवरण
IRGC प्रवक्ता की मौत ईरान के मुताबिक अली मोहम्मद नैनी अमेरिकी-इजरायली हमले में मारे गए।
कुवैत रिफाइनरी हमला कुवैत की मीना अल-अहमदी तेल रिफाइनरी में ड्रोन हमले के बाद आग लगी।
सऊदी अरब का एक्शन सऊदी अरब ने अपनी सीमा की ओर बढ़ते कई ड्रोन्स को हवा में ही मार गिराया।
US F-35 लैंडिंग ईरानी फायरिंग की खबर के बाद अमेरिकी विमान की इमरजेंसी लैंडिंग हुई।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने 1 मार्च 2026 को ही यह कह दिया था कि वे रक्षात्मक कार्यों के लिए RAF Fairford और Diego Garcia जैसे ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति देंगे। हालांकि कानूनी जानकारों का मानना है कि इस फैसले से ब्रिटेन पर भी अंतरराष्ट्रीय कानूनी जिम्मेदारी आ सकती है। ईरान ने साफ किया है कि किसी भी समझौते के लिए भविष्य में हमलों के खिलाफ गारंटी मिलना जरूरी है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.