ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिका को लेकर एक बड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा है कि इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu जानबूझकर युद्ध विराम का विरोध कर रहे हैं क्योंकि उन्हें अपने ऊपर चल रहे आपराधिक मुकदमों का डर सता रहा है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि अगर अमेरिका ने Netanyahu को कूटनीति खत्म करने दी, तो इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। इस समय मिडिल ईस्ट के देशों के बीच तनाव चरम पर है और पाकिस्तान में शांति वार्ता की तैयारी चल रही है।

आखिर क्यों सीज़फायर के खिलाफ हैं Benjamin Netanyahu?

ईरानी विदेश मंत्री के अनुसार Netanyahu का क्रिमिनल ट्रायल 12 अप्रैल 2026 को फिर से शुरू होने वाला है। उनका दावा है कि अगर लेबनान और पूरे क्षेत्र में शांति समझौता हो जाता है, तो Netanyahu को जल्द ही जेल भेजा जा सकता है। इसी वजह से वह युद्ध को जारी रखना चाहते हैं ताकि वह अपनी कुर्सी और खुद को बचा सकें। ईरान का मानना है कि Netanyahu निजी स्वार्थ के कारण शांति वार्ता को सफल नहीं होने दे रहे हैं और अमेरिका को भी इसमें घसीट रहे हैं जिससे पूरे क्षेत्र का माहौल बिगड़ रहा है।

ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौते की ताजा स्थिति

मुख्य विषय ताजा जानकारी
सीज़फायर लागू अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का सीज़फायर 8 अप्रैल से शुरू हो गया है।
शांति वार्ता का स्थान पाकिस्तान के इस्लामाबाद में इस हफ्ते शांति वार्ता की शुरुआत होगी।
लेबनान का मुद्दा इसराइल लेबनान में हमले जारी रखे हुए है और इसे सीज़फायर का हिस्सा नहीं मान रहा।
Strait of Hormuz ईरान ने अपनी प्रतिबद्धता निभाते हुए दो हफ्ते के लिए सुरक्षित रास्ता देने का वादा किया है।
आर्थिक चेतावनी ईरान ने कहा है कि अगर डिप्लोमेसी फेल हुई तो अमेरिका की इकोनॉमी पूरी तरह बैठ जाएगी।

लेबनान और इसराइल के बीच तनाव की क्या है वजह?

इसराइल के प्रधानमंत्री Netanyahu ने साफ कहा है कि लेबनान में कोई सीज़फायर नहीं है और वह Hezbollah पर हमले जारी रखेंगे। वहीं ईरान और पाकिस्तान का कहना है कि सीज़फायर लेबनान पर भी लागू होना चाहिए। व्हाइट हाउस ने फिलहाल लेबनान को इस समझौते से बाहर रखा है और इसराइल की सैन्य कार्रवाई का समर्थन किया है। लेबनान में पिछले दो दिनों में हुए हमलों में सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Baqer Qalibaf इस मामले पर आगामी बातचीत में ईरान के डेलिगेशन का नेतृत्व करेंगे।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com