Gulf Countries Alert: ईरान ने दी इंटरनेट केबल काटने की चेतावनी, UAE और सऊदी सहित कई देशों में ठप्प हो सकती हैं डिजिटल सेवाएं

अब दुनिया को तेल और गैस के साथ-साथ इंटरनेट का भी टेंशन सताने वाला है। ईरान की तस्नीम न्यूज़ एजेंसी ने समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट डेटा केबलों को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। इससे पूरे मिडिल ईस्ट में खलबली मच गई है क्योंकि इन केबलों से ही खाड़ी देश दुनिया से जुड़े हुए हैं। अगर इन्हें नुकसान पहुँचा तो इंटरनेट और बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह ठप्प हो सकती हैं।

किन देशों और सेवाओं पर पड़ेगा असर

ईरान की इस चेतावनी का सीधा असर UAE, सऊदी अरब, कतर, बहरीन और कुवैत जैसे देशों पर पड़ेगा। ये देश अपनी डिजिटल जरूरतों के लिए समुद्र के नीचे बिछी केबलों पर निर्भर हैं। अगर ये केबल कटती हैं तो इंटरनेट के साथ-साथ बैंकिंग और क्लाउड सेवाएं भी बंद हो जाएंगी। Google, Microsoft और Amazon जैसी बड़ी कंपनियों का काम भी रुक सकता है क्योंकि उनकी महत्वपूर्ण डिजिटल अवसंरचना इसी क्षेत्र में है।

क्या है पूरा मामला और कौन सी केबल हैं खतरे में

तस्नीम न्यूज़ एजेंसी, जो IRGC से जुड़ी है, उसने 22 और 23 अप्रैल 2026 को यह चेतावनी जारी की। होर्मुज़ जलडमरूमध्य से SEA-ME-WE, FLAG/EIG और AAE-1 जैसी कई बड़ी केबल प्रणालियां गुजरती हैं। ये केबल दुनिया के कुल इंटरनेट ट्रैफिक का 17% से 30% हिस्सा संभालती हैं। हाल ही में ईरान ने इस जलमार्ग में तीन जहाजों पर गोलीबारी की और दो को जब्त कर लिया, जिससे तनाव और बढ़ गया है।

प्रवासियों और आम लोगों के लिए क्यों है यह चिंता

खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों के लिए यह खबर चिंताजनक है क्योंकि उनका अपने परिवार से संपर्क और पैसों का लेन-देन इंटरनेट पर निर्भर है। लाल सागर में पहले भी फरवरी 2024 और सितंबर 2025 में केबल कटने से इंटरनेट में भारी व्यवधान आया था। अल्काटेल सबमरीन नेटवर्क्स जैसी कंपनी ने भी संघर्ष के कारण काम में रुकावट की घोषणा की है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार ये केबल डिजिटल अर्थव्यवस्था की अदृश्य रीढ़ हैं।