लेबनान के दाहीये इलाके में इसराइल के हवाई हमलों ने एक बार फिर मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा दिया है। इस हमले के बाद ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने अमेरिका और इसराइल को कड़ी चेतावनी दी है। ईरान का कहना है कि अमेरिका अपने वादों को पूरा करने में पूरी तरह नाकाम रहा है।

इसराइल की सेना ने लेबनान के दाहीये इलाके में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमला किया। इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और रक्षा मंत्री Israel Katz ने एक साझा बयान में बताया कि हिजबुल्लाह ने इसराइल की ज़मीन पर प्रोजेक्टाइल दागे थे, जिसका जवाब देने के लिए यह कार्रवाई की गई। इस हमले में एक अपार्टमेंट बिल्डिंग को निशाना बनाया गया, जिसमें लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 2 लोगों की मौत हो गई और 7 लोग घायल हुए।

ईरान के संसद स्पीकर और मुख्य वार्ताकार Mohammad Bagher Ghalibaf ने इस हमले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इसराइल की इस कार्रवाई से यह बात सामने आई है कि अमेरिका के पास अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की न तो इच्छा है और न ही काबिलियत। उन्होंने साफ़ शब्दों में चेतावनी दी कि अगर अमेरिका अपने वादों पर कायम नहीं रहता, तो मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी बेस और इसराइल की संपत्ति अब उनके लिए जायज निशाना बन सकते हैं।

यह पूरा विवाद ऐसे समय में हुआ है जब रविवार को अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़े समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद थी। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि हिजबुल्लाह और इसराइल एक-दूसरे पर हमला न करने के लिए सहमत हुए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसराइल ने हमले से पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) को इस ऑपरेशन की जानकारी दे दी थी।

ईरान ने पहले ही साफ़ कर दिया था कि अमेरिका के साथ किसी भी बड़े समझौते के लिए लेबनान में लड़ाई का रुकना पहली शर्त होगी। अब इस हमले के बाद दोनों देशों के बीच बातचीत का रास्ता मुश्किल होता दिख रहा है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.