ईरान की अमेरिका और इसराइल को चेतावनी, लेबनान और फ्रीज संपत्तियों की रिहाई पर अड़ा तेहरान
ईरान की संसद की नेशनल सिक्योरिटी कमेटी के प्रमुख Ebrahim Azizi ने साफ़ कर दिया है कि उनका देश लेबनान के मुद्दों और अपनी फ्रीज की गई संपत्तियों को वापस पाने पर अड़ा हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर वादों को पूरा नहीं किया गया या रेजिस्टेंस फ्रंट के खिलाफ कदम उठाए गए, तो इसके नतीजे गंभीर होंगे। ईरान अब अपनी शर्तों पर ही किसी भी समझौते की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है।
ईरान की मुख्य शर्तें और फ्रीज संपत्तियां क्या हैं?
ईरान की सबसे बड़ी मांग विदेशों में रोकी गई उसकी संपत्तियों को वापस करना है। ईरान का दावा है कि अलग-अलग देशों में उसकी 100 अरब डॉलर से ज्यादा की संपत्ति फ्रीज है, जिसमें कतर और दक्षिण कोरिया में रखे गए 6 अरब डॉलर भी शामिल हैं। संसद के स्पीकर मोहम्मद बाक़िर ग़ालिबफ़ ने भी साफ़ कहा है कि किसी भी बातचीत से पहले लेबनान में युद्धविराम और इन संपत्तियों की रिहाई जरूरी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए क्या नया नियम आया है?
Ebrahim Azizi ने 18 अप्रैल, 2026 को घोषणा की कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए एक नई समुद्री व्यवस्था लागू कर रहा है। अब से सभी कमर्शियल जहाजों को ईरान के IRGC नौसेना द्वारा बताए गए खास रास्तों से ही गुजरना होगा। साथ ही, इन जहाजों को निर्धारित शुल्क का भुगतान भी करना होगा। यह कदम क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए उठाया गया है।
ईरान और अमेरिका के बीच हालिया घटनाक्रम
पिछले कुछ दिनों में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और बातचीत का दौर चलता रहा है। इस्लामाबाद में हुई मीटिंग से लेकर युद्धविराम तक की पूरी जानकारी नीचे दी गई टेबल में देखें:
| तारीख | घटनाक्रम |
|---|---|
| 11-13 अप्रैल, 2026 | इस्लामाबाद में शांति वार्ता बिना किसी समझौते के खत्म हुई |
| 15 अप्रैल, 2026 | पाकिस्तान की मदद से दो हफ्ते का युद्धविराम शुरू हुआ |
| 18 अप्रैल, 2026 | होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए नए समुद्री नियम का ऐलान |
| 20 अप्रैल, 2026 | Ebrahim Azizi ने फ्रीज संपत्तियों पर अपना रुख दोहराया |
इस पूरे मामले में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के प्रतिनिधिमंडल ने भी हिस्सा लिया था, लेकिन ईरान के कुछ नेताओं ने अमेरिका को अविश्वसनीय बताते हुए शांति वार्ता के नतीजों पर निराशा जताई है।