28 जुलाई 2026 को ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिसमें खाड़ी में क्षतिग्रस्त जहाजों को ईरान के फ्रीज किए गए फंड से मुआवजा देने की बात कही गई थी। ईरान के Khatam al-Anbiya Central Headquarters के प्रवक्ता Brigadier General Ebrahim Zolfaqari ने इसे लेकर सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई भी देश या कंपनी का जहाज यह मुआवजा स्वीकार करता है, तो उसे हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया

तेहरान ने इस योजना को पूरी तरह से गैर-कानूनी बताया है और इसे ईरानी संपत्ति की जबरन जब्ती के रूप में देखा है। General Zolfaqari के अनुसार, ईरान इस प्रतिबंध को सख्ती से लागू करेगा। ईरानी अधिकारियों का मानना है कि हाल ही में जहाजों को जो नुकसान हुआ, वह इसलिए हुआ क्योंकि वे Strait of Hormuz के एक असुरक्षित और अवैध दक्षिणी रास्ते से जा रहे थे। ईरान ने इसके लिए अमेरिकी सैन्य गतिविधियों को जिम्मेदार ठहराया है।

ईरान का कहना है कि जलडमरूमध्य में केवल आधिकारिक रूप से निर्धारित शिपिंग लेन ही खुली है। इससे पहले ईरानी टीवी ने रिपोर्ट दी थी कि अमेरिका के कहने पर छह जहाजों ने दक्षिणी रास्ते का उपयोग करने की कोशिश की थी, जिसमें से एक जहाज के साथ घटना हुई और बाकी को ईरानी प्रबंधन द्वारा वापस मोड़ दिया गया था।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.