ईरान ने अरब लीग को सख्त चेतावनी दी है कि हमलावरों को बचाने से अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों से छुटकारा नहीं मिलेगा. ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक हमलावर अपनी गलती नहीं मानते, तब तक जवाबी कार्रवाई जारी रहेगी. इस तनाव के बीच ईरान ने कुछ अरब देशों पर गंभीर आरोप लगाए हैं और उनसे मुआवजे की मांग की है.

ईरान ने किन अरब देशों से मांगा हर्जाना और क्या है वजह?

ईरान ने बहरीन, सऊदी अरब, कतर, UAE और जॉर्डन से हर्जाने की मांग की है. ईरान का आरोप है कि इन देशों ने अपनी जमीन का इस्तेमाल हमलावरों को रास्ता देने के लिए किया या फिर सीधे तौर पर ईरान पर हुए हमलों में हिस्सा लिया. ईरान का कहना है कि इन देशों ने अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन किया है, इसलिए अब उन्हें होने वाले आर्थिक और नैतिक नुकसान की पूरी भरपाई करनी होगी.

सीजफायर और आत्मरक्षा पर क्या बोले ईरानी अधिकारी?

ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने बयान दिया कि जब तक दुश्मन की धमकियां खत्म नहीं होतीं, तब तक सीजफायर मुमकिन नहीं है. उन्होंने कहा कि जवाबी कार्रवाई तब तक चलेगी जब तक हमलावर वास्तव में पछतावा नहीं करते. वहीं, ईरान के राजदूत Amir Saeed Iravani ने उन अरब देशों के आत्मरक्षा के दावों को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि जो देश अमेरिका और इसराइल की मदद कर रहे हैं, वे खुद को पीड़ित नहीं बता सकते और न ही UN चार्टर के आर्टिकल 51 का सहारा ले सकते हैं.

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य और पश्चिमी देशों पर ईरान का रुख

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने कहा कि जब देश पर लगातार बमबारी हो रही हो, तो संयम रखने की उम्मीद करना बेकार है. इसी बीच, लंदन स्थित ईरानी दूतावास ने पश्चिमी देशों से अपील की है कि वे ईरान के बजाय अमेरिका और इसराइल की निंदा करें. ईरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि Strait of Hormuz सभी जहाजों के लिए खुला है, लेकिन हमलावरों और उनके करीबियों के जहाजों को वहां आने की अनुमति नहीं होगी.

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान किन अरब देशों से मुआवजे की मांग कर रहा है?

ईरान ने बहरीन, सऊदी अरब, कतर, UAE और जॉर्डन से मुआवजे की मांग की है क्योंकि उसका आरोप है कि इन देशों ने हमलावरों को अपनी जमीन इस्तेमाल करने दी.

क्या ईरान युद्ध रोकने या सीजफायर के लिए तैयार है?

नहीं, ईरानी संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf के अनुसार जब तक दुश्मन की धमकियां बनी रहेंगी और उचित राजनीतिक हालात नहीं बनेंगे, तब तक सीजफायर संभव नहीं है.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com