ईरान और बहरीन के बीच तनाव अब काफी बढ़ गया है। ईरान के सुप्रीम लीडर के सलाहकार अली अकबर वेलायती ने बहरीन को सख्त चेतावनी दी है कि अगर उन्हें उकसाया गया, तो तेहरान और भी बड़ी ताकत के साथ हमला करेगा। वेलायती ने इसे एक गंभीर चेतावनी बताया है ताकि बहरीन अपनी सीमाओं को समझ सके।
हाल की घटनाओं की बात करें तो 27 और 28 जून 2026 को ईरान ने बहरीन और कुवैत पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए थे। बहरीन के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की कड़ी निंदा की और इसे एक खतरनाक कदम बताया। मंत्रालय ने कहा कि यह बहरीन की संप्रभुता और सुरक्षा पर सीधा हमला है। इस दौरान बहरीन के कई इलाकों में हवाई हमले के सायरन भी गूंजे थे।
अमेरिकी अधिकारियों ने कन्फर्म किया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिका द्वारा किए गए हमलों के जवाब में ईरान ने बहरीन और कुवैत की तरफ मिसाइलें और ड्रोन दागे थे। इन हमलों के बाद सऊदी अरब, यूएई, कतर और कुवैत ने भी ईरान की हरकतों का विरोध किया है।
अली अकबर वेलायती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पश्चिमी देशों की आलोचना की और गल्फ देशों को “राजनीतिक नाबालिग” बताया। उन्होंने दावा किया कि इन देशों की स्थिरता और अस्तित्व ईरान की सहनशीलता और हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान के नियंत्रण पर निर्भर करता है।
इससे पहले 6 जून 2026 को भी वेलायती ने कहा था कि क्षेत्र में ईरान की ताकत बढ़ गई है, जिससे अब क्षेत्रीय संतुलन बदल चुका है। उन्होंने गल्फ देशों को चेतावनी दी थी कि वे केवल समझौतों के भरोसे न रहें।
