ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने पूरे क्षेत्र में स्थिति गंभीर बना दी है। ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने 30 जुलाई 2026 को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि कोई भी देश ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों में शामिल होता है, तो वह उसे एक वैध सैन्य लक्ष्य मानेंगे। यह कड़ा रुख तब सामने आया है जब US Central Command (CENTCOM) ने 29 जुलाई 2026 से ईरान के अंदर ठिकानों पर सैन्य हमले शुरू करने की पुष्टि की है।
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हमले और जवाबी कार्रवाई
विदेश मंत्री ने विशेष रूप से Bulgaria द्वारा अमेरिका के सैन्य अभियानों का समर्थन करने पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। ईरान का कहना है कि उनकी सेना अब आंख के बदले आंख की नीति पर काम कर रही है और किसी भी आक्रामकता का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने भी चेतावनी दी है कि अमेरिकी आक्रामकता में मदद करने वाले देशों को इसका बुरा अंजाम भुगतना होगा।
तनाव के बीच सैन्य संघर्ष की खबरें भी सामने आई हैं। IRGC ने दावा किया कि उन्होंने Ali Al Salem Air Base पर हमला करके वहां के ड्रोन हैंगर और ईंधन सुविधा को नष्ट कर दिया है। इसके अलावा Al-Azraq Air Base पर हमले में तीन F-35 जेट तबाह करने का भी दावा किया गया है। ईरान की सेना ने Bandar Imam Khomeini के पास एक ड्रोन को मार गिराया है और बहरीन तथा जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी ड्रोन हमले किए हैं। दुर्भाग्यवश, इन संघर्षों के दौरान ईरान के Zanjan Province के तीन सैनिक भी मारे गए हैं।
