ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है। ईरान के सुप्रीम लीडर के सीनियर एडवाइजर मोहसेन रजाई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर अमेरिका ने हमला किया तो ईरान की सेना उसे पीछे हटने और आत्मसमर्पण करने पर मजबूर कर देगी।

🚨: Oman New Law: किसी की प्राइवेट फोटो या खबर शेयर की तो होगी जेल, पब्लिक प्रोसिक्यूशन ने जारी की चेतावनी

ईरान ने अमेरिका को क्या चेतावनी दी है?

मोहसेन रजाई ने कहा कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं अमेरिका को पीछे हटने पर मजबूर कर देंगी। उन्होंने 18 मई 2026 को ईरानी राज्य टेलीविजन पर बताया कि डोनाल्ड ट्रम्प सैन्य टकराव चाहते हैं लेकिन अमेरिकी सैन्य अधिकारी अपने सैनिकों के मारे जाने या पकड़े जाने के डर से चिंतित हैं। रजाई ने यह भी साफ किया कि यदि अमेरिका ने समुद्री नाकेबंदी की कोशिश की तो ईरान उसे तोड़ देगा, हालांकि होर्मुज जलडमरूमध्य व्यापार के लिए खुला रहेगा।

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य और बंधकों को लेकर क्या कहा?

ईरान ने समय-समय पर कई सख्त चेतावनी दी हैं। अप्रैल 2026 में रजाई ने कहा था कि अगर अमेरिका ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य की निगरानी करने की कोशिश की तो ईरानी सेना अमेरिकी जहाजों को डुबो देगी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने जमीन पर हमला किया तो हजारों अमेरिकी सैनिक बंधक बन सकते हैं। इसके अलावा, ईरान ने अमेरिका से अपने नुकसान का मुआवजा मांगा है और सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाने की मांग की है ताकि अमेरिकी हस्तक्षेप खत्म हो सके।

हमले के बाद ईरान का क्या होगा कदम?

जनवरी 2026 में रजाई ने साफ किया था कि अगर अमेरिका ईरान पर हमला करता है तो इस्लामिक रिपब्लिक बिना किसी युद्धविराम के जवाबी कार्रवाई करेगा। मार्च 2026 में उन्होंने इसे आंख के बदले आंख वाला मामला बताया और कहा कि अगर ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमला हुआ तो अमेरिका को खाड़ी में डुबो दिया जाएगा। अप्रैल की शुरुआत में उन्होंने ट्रम्प के उन दावों को झूठ बताया था जिसमें ईरान की वायु रक्षा प्रणाली को खत्म करने की बात कही गई थी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

मोहसेन रजाई कौन हैं?

मोहसेन रजाई ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला सैयद मुज्तबा खामनेई के सैन्य और सीनियर सलाहकार हैं।

ईरान ने अमेरिका से क्या मांग की है?

ईरान ने अमेरिका से अपने नुकसान के लिए मुआवजे की मांग की है और साथ ही सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाने की शर्त रखी है।