ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने यूरोपीय संघ को संयुक्त राष्ट्र के नियमों का पालन करने की सलाह दी है। उनका कहना है कि अगर यूरोपीय संघ संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का सम्मान करेगा, तो देशों के बीच चल रही दुश्मनी और तनाव को खत्म किया जा सकता है। इसके साथ ही ईरान ने अमेरिका के साथ पाकिस्तान की मध्यस्थता में हो रही शांति वार्ता को लेकर भी बड़ा बयान जारी किया है।
ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत पर क्या है बड़ा अपडेट?
ईरान के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने 25 मई 2026 को जानकारी दी कि पाकिस्तान की मध्यस्थता से ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत चल रही है। उन्होंने बताया कि दोनों देश चर्चा के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर आगे बढ़े हैं। हालांकि, बघाई ने आगाह किया कि अभी कोई अंतिम समझौता होने की उम्मीद नहीं है क्योंकि अमेरिका अपने वादों को पूरा करेगा या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं है। इस बातचीत का मुख्य ध्यान अभी परमाणु मुद्दे पर नहीं, बल्कि क्षेत्र में जारी युद्ध को समाप्त करने पर है, जिसमें लेबनान के संघर्ष को रोकने का बिंदु भी शामिल है।
यूरोपीय संघ और अमेरिका के खिलाफ ईरान का क्या है रुख?
ईरान ने हाल के दिनों में अमेरिका और इसराइल की सैन्य कार्रवाइयों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया है। प्रवक्ता बघाई ने कहा कि ईरान पर किए गए सैन्य हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ हैं। इसके अलावा, ईरान ने लेबनान में अपने नए राजदूत पर अमेरिकी प्रतिबंधों का विरोध किया है और इसे संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों का उल्लंघन माना है। दूसरी ओर, यूरोपीय संघ ने भी होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन सुरक्षा को लेकर ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए हैं, जिसके जवाब में ईरान ने यूरोपीय संघ को अंतरराष्ट्रीय दायरे में काम करने को कहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में कौन सा देश मध्यस्थता कर रहा है?
ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य लेबनान युद्ध सहित अन्य सैन्य संघर्षों को समाप्त करना है।
ईरान ने यूरोपीय संघ को क्या नसीहत दी है?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यूरोपीय संघ से संयुक्त राष्ट्र चार्टर का पालन करने को कहा है ताकि किसी भी तरह के सैन्य संघर्ष और दुश्मनी की स्थिति को पैदा होने से रोका जा सके।