Gulf Countries को ईरान की बड़ी चेतावनी, अमेरिकी हमले रुके तो ठीक वरना ऊर्जा ढांचे पर होगी जवाबी कार्रवाई.

तेहरान से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है जहां ईरान ने खाड़ी देशों यानी Gulf Countries से सीधा आग्रह किया है कि वे अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump पर पूरा दबाव बनाएं ताकि ईरान पर होने वाले संभावित सैन्य हमलों को तुरंत रोका जा सके। ईरान ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने उसके ऊर्जा और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया, तो तेहरान भी चुप नहीं बैठेगा और खाड़ी क्षेत्र के तमाम ऊर्जा प्रतिष्ठानों और रणनीतिक ठिकानों पर कड़ा पलटवार करेगा। इस मामले में पिछले कुछ दिनों से लगातार उच्चस्तरीय राजनयिक संपर्क साधे जा रहे हैं ताकि बढ़ते तनाव को समय रहते थामा जा सके।
ईरान के निशाने पर होंगे तेल और गैस प्रतिष्ठान
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अगर अमेरिका की तरफ से कोई भी सैन्य कार्रवाई की जाती है, तो ईरान की जवाबी कार्रवाई बहुत व्यापक होगी। इस संभावित कार्रवाई के दायरे में तेल और गैस प्रतिष्ठान, बड़ी रिफाइनरियां, बिजली और पानी की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क के अलावा परिवहन ढांचा और अन्य जरूरी अवसंरचनाएं भी शामिल हो सकती हैं। ईरान का यह रुख साफ दिखाता है कि इस क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर हालात कितने गंभीर बने हुए हैं और इसका सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले आम नागरिकों और कामगारों पर पड़ सकता है।
विदेश मंत्री अब्बास अराघची की कूटनीतिक अपील
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने खाड़ी देशों के साथ बातचीत के दौरान जोर देकर कहा है कि वे अमेरिका के साथ अपने अच्छे कूटनीतिक प्रभावों का इस्तेमाल करें। उन्होंने अपील की है कि सैन्य टकराव का रास्ता चुनने के बजाय बातचीत और कूटनीतिक समाधान निकाला जाना चाहिए ताकि पूरे क्षेत्र को एक बड़े युद्ध से बचाया जा सके। विदेश मंत्री ने यह भी दोहराया कि ईरान इस पूरे इलाके में किसी भी तरह के व्यापक संघर्ष से बचना चाहता है, लेकिन अपनी रक्षा करने और हमला होने पर मुंहतोड़ जवाब देने के लिए उसकी सेनाएं पूरी तरह से तैयार हैं। इस स्थिति पर भारत से ताल्लुक रखने वाले प्रवासियों की भी पैनी नजर है जो खाड़ी देशों में रहकर अपनी रोजी-रोटी कमा रहे हैं, क्योंकि किसी भी क्षेत्रीय तनाव का सीधा असर वहां के जनजीवन पर पड़ता है।