ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान की Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने चेतावनी दी है कि अगर उनके तेल टैंकरों या व्यापारिक जहाजों पर हमला हुआ, तो वे अमेरिकी सैन्य ठिकानों और जहाजों पर जोरदार हमला करेंगे। यह विवाद उस समय बढ़ा जब अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में ईरान के दो तेल टैंकरों को निष्क्रिय कर दिया।

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ईरान की चेतावनी और अमेरिका की कार्रवाई

ईरान की IRGC ने 10 मई 2026 को साफ़ कहा कि उनके जहाजों पर किसी भी तरह की आक्रामकता का जवाब अमेरिकी केंद्रों पर भारी हमले से दिया जाएगा। IRGC Aerospace Force का दावा है कि उनकी मिसाइलें और ड्रोन अमेरिकी ठिकानों पर लॉक हैं और बस आदेश का इंतज़ार कर रहे हैं।

दूसरी तरफ, US Central Command (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि उन्होंने 8 मई को M/T Sea Star III और M/T Sevda नाम के दो ईरानी जहाजों को निष्क्रिय कर दिया। अमेरिकी नेवी के F/A-18 सुपर हॉरनेट फाइटर जेट्स ने इन जहाजों के धुएं निकलने वाले हिस्सों (smokestacks) पर सटीक हमला किया ताकि वे ईरानी बंदरगाहों तक न पहुंच सकें। इससे पहले 6 मई को M/T Hasna नाम के एक और टैंकर के रडर पर हमला कर उसे रोका गया था।

Strait of Hormuz में गोलीबारी और टकराव

7 और 8 मई 2026 को Strait of Hormuz में अमेरिकी और ईरानी सेनाओं के बीच सीधी गोलीबारी हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बताया कि USS Truxtun, USS Rafael Peralta और USS Mason जैसे तीन डिस्ट्रॉयर्स ने इस इलाके को पार किया। हालांकि, इस दौरान ईरानी सेना ने उन पर मिसाइल, ड्रोन और छोटी नावों से हमला किया था।

  • ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने Qeshm Island, Bandar Khamir और Sirik जैसे नागरिक इलाकों पर हवाई हमले किए।
  • ईरानी सेना के प्रवक्ता Mohammad Akraminia ने कहा कि जो देश अमेरिकी प्रतिबंधों को मानेंगे, उन्हें Strait of Hormuz से गुजरने में मुश्किल होगी।
  • ईरान के सांसदों ने एक नया कानून बनाने की तैयारी की है, जिससे वे इस समुद्री रास्ते के प्रबंधन को नियंत्रित कर सकें और दुश्मन देशों के जहाजों का रास्ता रोक सकें।

अन्य देशों पर असर और ताज़ा हालात

इस तनाव का असर आसपास के देशों पर भी दिख रहा है। ब्रिटेन ने अंतरराष्ट्रीय जहाजों की सुरक्षा के लिए HMS Dragon डिस्ट्रॉयर को इस क्षेत्र में भेजने का फैसला किया है। वहीं 10 मई को कतर के दोहा के पास एक मालवाहक जहाज पर अज्ञात हमला हुआ, जिससे वहां आग लग गई।

बहरीन में भी हलचल बढ़ गई है क्योंकि वहां सरकार ने IRGC से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर आतंकी गतिविधियों के लिए फंड भेजने का आरोप है। इस बीच, राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि युद्धविराम अभी भी लागू है और ईरान के साथ बातचीत जारी है। ईरान के विदेश मंत्रालय के सलाहकार अली सफारी ने बताया कि तेहरान अमेरिका के शांति प्रस्ताव की जांच कर रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने ईरानी जहाजों को क्यों रोका?

CENTCOM के मुताबिक ये जहाज अमेरिकी नाकेबंदी (blockade) का उल्लंघन कर रहे थे, इसलिए F/A-18 फाइटर जेट्स के जरिए उन्हें निष्क्रिय किया गया।

क्या इस विवाद से अन्य देशों पर असर पड़ा है?

हाँ, ब्रिटेन ने सुरक्षा के लिए HMS Dragon डिस्ट्रॉयर भेजा है और कतर के पास एक मालवाहक जहाज पर अज्ञात हमला हुआ है।