बेरूत के दक्षिणी इलाके में इसराइल द्वारा किए गए हवाई हमले के बाद तनाव बहुत बढ़ गया है। ईरान ने साफ़ कर दिया है कि उसने अपनी ‘रेड लाइन’ को पार होते देखा है और अब वह चुप नहीं बैठेगा। इस हमले के बाद ईरान के बड़े अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जल्द ही इसका जवाब दिया जाएगा।
ईरान के अधिकारियों की चेतावनी
ईरान की Supreme National Security Council के सचिव Mohammad Bagher Zolghadr ने रविवार को कहा कि इसराइल के हमले का जवाब जल्द आएगा। उन्होंने सोशल मीडिया X पर लिखा कि लेबनान उनकी जान है और ईरान की ‘रेड लाइन’ का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी तरह, ईरानी संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने इस हमले की निंदा की और कहा कि इन अपराधों का जवाब ज़रूर मिलेगा।
सेना के बड़े अधिकारियों ने भी अपनी तैयारी जारी रखी है। Major General Ali Abdollahi ने कहा कि ईरानी सेना पूरी तरह अलर्ट पर है और वे दुश्मन पर हमला करने के लिए तैयार हैं।
इसराइल का क्या कहना है
दूसरी तरफ, इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और रक्षा मंत्री Israel Katz ने कहा कि इसराइल अपनी सीमा में होने वाली फायरिंग को बर्दाश्त नहीं करेगा। IDF ने बताया कि उन्होंने बेरूत के Dahieh इलाके में Hezbollah के एक कमांड सेंटर को निशाना बनाया, जहाँ से इसराइल पर हमलों की योजना बनाई जा रही थी।
अमेरिका और दुनिया की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि बेरूत पर यह हमला नहीं होना चाहिए था, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते (Peace Deal) की बात चल रही है। उन्होंने सभी पक्षों से शांत रहने की अपील की ताकि समझौता बचा रहे। अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने बताया कि पाकिस्तान की मदद से बातचीत चल रही है, लेकिन उन्होंने कहा कि अगर ईरान चाहता है कि समझौता हो, तो उसे Hezbollah को पीछे हटाना होगा।
UN के महासचिव Antonio Guterres ने भी इसराइल के हमलों की आलोचना की और कहा कि इससे शांति समझौते के प्रयास खतरे में पड़ सकते हैं।
ग्राउंड रिपोर्ट और ताज़ा हालात
- बेरूत के दक्षिणी इलाकों में हुए धमाकों में 3 लोगों की मौत हो गई और 16 लोग घायल हुए।
- तनाव के चलते पश्चिमी ईरान की फ्लाइट्स रद्द कर दी गई हैं।
- इसराइल ने दक्षिणी लेबनान के 29 गाँवों को खाली करने का आदेश दिया है।
- Hezbollah ने दावा किया है कि उन्होंने दक्षिणी लेबनान के Qantara में इसराइली सैनिकों पर ड्रोन हमला किया।