ईरान की क्रांतिकारी गार्ड कोर (IRGC) के कुड्स फोर्स चीफ ब्रिगेडियर जनरल इस्माइल कानी ने इसराइल को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर इसराइल ने अपने नेताओं की इच्छा के अनुसार काम किया और हमले जारी रखे, तो वह गाजा के सैलाब में फंस जाएगा। यह बयान 19 और 20 जून 2026 के दौरान आया है, जिसने एक बार फिर क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है।
हिजबुल्लाह और गाजा की ताकत का जिक्र
ब्रिगेडियर जनरल इस्माइल कानी ने अपनी चेतावनी में हिजबुल्लाह के ‘मिर्साद’ ड्रोन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह लेबनान में रेजिस्टेंस तैयार है, वैसे ही गाजा के पास भी अपना एक ‘सैलाब’ है। यह इशारा सीधे तौर पर ‘ऑपरेशन अल-अक्सा फ्लड’ की तरफ था। कानी ने 16 जून को यह भी कहा था कि मौजूदा युद्ध की वजह से अमेरिका की साख खराब हुई है और इसराइल के पतन की रफ्तार तेज हो गई है।
ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौता
इस पूरे तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण घटना 17 जून 2026 को हुई, जब ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक समझौता (MoU) साइन हुआ। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए हमलों को रोकना और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलना है।
- समझौते की मुख्य बातें: इस MoU में लेबनान और गाजा में सैन्य अभियानों को तुरंत रोकने की बात कही गई है।
- ईरान का प्रयास: ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री सईद खतिबज़ादेह ने बताया कि वे सभी मोर्चों पर शांति स्थापित करने के लिए काम कर रहे हैं।
- अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट: अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने व्हाइट हाउस को चेतावनी दी है कि इसराइल इस शांति समझौते को नुकसान पहुँचा सकता है।
ईरान ने 15 जून को ही साफ कर दिया था कि अगर इसराइल ने लेबनान पर कब्जा जारी रखा या वहां हमला किया, तो इसे अमेरिका के साथ हुए समझौते का उल्लंघन माना जाएगा। इससे पहले 9 जून को भी कानी ने चेतावनी दी थी कि इसराइल और अमेरिका की किसी भी गलत हरकत का जवाब एक साझा रेजिस्टेंस फ्रंट के जरिए दिया जाएगा।