ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान के सुरक्षा प्रमुख ने साफ कह दिया है कि अगर उनके बिजली घर या पानी के प्लांट पर हमला हुआ, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। इस लड़ाई की आग अब कुवैत, बहरीन और कतर जैसे खाड़ी देशों तक भी पहुंच चुकी है।
ईरान के सुरक्षा प्रमुख Mohammad Bagher Zolghadr ने शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को चेतावनी दी कि उनके इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले किसी भी हमले का जवाब उसी तरह दिया जाएगा। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि इजराइल इस जवाबी कार्रवाई से सुरक्षित नहीं रहेगा। यह बात तब सामने आई है जब खबर है कि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ईरान के बिजली प्लांट और पानी साफ करने वाले प्लांट पर हमले पर विचार कर रहे हैं।
रेलवे पुलों पर हमले को बताया ‘युद्ध अपराध’
ईरान के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार, 9 जुलाई 2026 को अमेरिका द्वारा रेलवे पुलों जैसे नागरिक ठिकानों पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की। ईरान ने इसे एक बड़ा ‘युद्ध अपराध’ बताया है। ईरान ने अपनी शिकायत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और संयुक्त राष्ट्र महासचिव को भी भेजी है। उनका कहना है कि अमेरिका ने उनके इलाके में बड़े पैमाने पर सैन्य हमले किए हैं, जो अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है।
ईरान ने यह भी कहा कि जिन NATO देशों ने अमेरिका और इजराइल को अपने इलाके या संसाधन दिए हैं, वे भी इस लड़ाई के लिए जिम्मेदार हैं।
खाड़ी देशों के अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले
हाल ही में 8 और 9 जुलाई 2026 को अमेरिका ने ईरान के शहरों और रेलवे पुलों पर हवाई हमले किए थे। अमेरिका का कहना था कि यह हमला ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यापारिक जहाजों पर किए गए हमलों का जवाब था।
इसके जवाब में ईरान की IRGC और ईरानी सेना ने दावा किया कि उन्होंने मिसाइलों और ड्रोन से इन देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है:
- Kuwait
- Bahrain
- Qatar
- Jordan
तनाव को कम करने के लिए कतर के बातचीत करने वाले लोग अभी ईरान में हैं। वे अमेरिका के साथ मिलकर शांति समझौते को लागू करने और बातचीत शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं। इस शांति समझौते की मध्यस्थता पिछले महीने पाकिस्तान ने की थी।
