मिडिल ईस्ट में तनाव बहुत बढ़ गया है। ईरान के सुप्रीम लीडर के सलाहकार अली अकबर वेलायती ने ऐलान किया है कि अब सब्र का बांध टूट चुका है। उन्होंने कहा कि बेरूत में हुई गलती की वजह से अब जीरो आवर आ गया है और मिसाइल लॉन्चर्स तैयार किए जा रहे हैं।

अली अकबर वेलायती ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में साफ कहा कि हिजबुल्ला रेजिस्टेंस एक्सिस का एक अहम हिस्सा है। उन्होंने एक बड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर लेबनान में यह आग नहीं बुझी, तो ईरान हॉर्मुज और बाब अल-मंडब जैसे समुद्री रास्तों को बंद कर देगा। इससे दुनिया की आर्थिक नसें दब जाएंगी और रणनीतिक घुटन की स्थिति पैदा होगी।

ईरान के विदेश मंत्रालय ने बेरूत के दक्षिणी इलाकों में इसराइल के हमले की कड़ी निंदा की है। मंत्रालय ने कहा कि यह हमला लेबनान की संप्रभुता का उल्लंघन है। साथ ही, ईरान का कहना है कि इसराइल ने अप्रैल में ईरान और अमेरिका के बीच हुई सीजफायर की समझ को तोड़ दिया है। ईरान ने साफ किया है कि वह अपनी रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा।

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी अपनी कार्रवाई की जानकारी दी है। IRGC ने बताया कि इसराइल ने नागरिक और तेल उद्योगों को निशाना बनाकर एक खतरनाक खेल शुरू किया है। इसके जवाब में IRGC ने उत्तरी इसराइल के हाइफा शहर में मौजूद ऐसे ही उद्योगों पर मिसाइल हमला किया है।

इन तनावपूर्ण स्थितियों के बीच कतर के अधिकारी तेहरान में मौजूद हैं। वे ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत को पटरी पर लाने और किसी समझौते पर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।

दूसरी तरफ, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ एक डील करीब है। उन्होंने तेहरान से अपील की है कि वह इसराइल के हमलों का जवाब न दे। ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर समझौता होता है, तो हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोला जा सकता है।