ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने चेतावनी दी है कि अगर इसराइल की तरफ से कोई भी सैन्य कार्रवाई होती है तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा। IRGC के प्रवक्ता Hossein Mohebi ने 25 जुलाई 2026 को यह स्पष्ट किया कि जो भी देश, जिसमें ब्रिटेन और फारस की खाड़ी के देश शामिल हैं, अमेरिका को इस विवाद में मदद करेंगे, उन्हें ईरान अपना निशाना बनाएगा। ईरान ने दावा किया है कि उनके पास हर स्थिति से निपटने के लिए योजनाएं तैयार हैं।
प्रवासियों के लिए सुरक्षा निर्देश
ईरान ने मध्य पूर्व में रह रहे नागरिकों को सलाह दी है कि वे 25 जुलाई से अमेरिकी सैन्य अड्डों से कम से कम 500 मीटर की दूरी बनाए रखें। इसके अलावा, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने खाड़ी सहयोग परिषद (PGCC) के देशों और जॉर्डन से कहा है कि वे स्पष्ट करें कि क्या वे ईरान के खिलाफ अमेरिकी हमलों में शामिल हैं। किसी भी तरह की भागीदारी को ईरान आक्रामकता मानेगा।
क्षेत्रीय स्थिति का अपडेट
ब्रिटेन की सरकार ने इस चेतावनी के जवाब में कहा है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन वे केवल रक्षात्मक अमेरिकी अभियानों के लिए अपने एयरफील्ड्स का उपयोग करने की नीति पर कायम रहेंगे। इससे पहले 8 जुलाई से 22 जुलाई के बीच ईरान ने कई अमेरिकी विमानों और ड्रोन को नष्ट करने का दावा किया था। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा है कि ईरान चीन और रूस के साथ बातचीत कर रहा है और किसी भी दबाव में नहीं झुकेगा। 26 जुलाई को ईरान में कोई अमेरिकी हमला नहीं हुआ और स्थिति शांत रही।
