ईरान ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को कड़ा संदेश भेजा है। ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने कहा है कि पड़ोसी देशों को अपनी ज़मीन और आसमान का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य गतिविधियों के लिए नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने दावा किया है कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान को निशाना बनाने के लिए इन रास्तों का उपयोग किया है। ईरान ने इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताते हुए अच्छे पड़ोसी होने के सिद्धांतों का पालन करने को कहा है।

विमानों के इस्तेमाल पर ईरान ने क्या दावा किया?

ईरान के राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और महासचिव को लिखे दो अलग-अलग पत्रों में अपनी चिंता दर्ज कराई है। राजदूत इरावानी के अनुसार, ईरान के सशस्त्र बलों ने अपनी निगरानी में पाया है कि हमलावर विमानों ने सऊदी अरब और UAE के हवाई क्षेत्र का उपयोग किया है। उन्होंने बताया कि इन विमानों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने के लिए किया गया। ईरान ने इन अवैध कार्यों के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है और कहा है कि वह अपनी रक्षा के लिए ज़रूरी कदम उठाने का हक रखता है।

किन विमानों और तारीखों की जानकारी दी गई?

ईरान ने उन विशिष्ट तारीखों और विमानों का विवरण दिया है जिन्होंने पड़ोसी देशों के हवाई क्षेत्र का उपयोग किया है। इसमें अमेरिका के कई उन्नत लड़ाकू और जासूसी विमान शामिल थे।

तारीख देश का हवाई क्षेत्र शामिल विमान
23 मार्च 2026 UAE F-16, F-35, U-2S
24 मार्च 2026 सऊदी अरब और UAE F-15, P-8A, KC-135
28 मार्च 2026 UAE लड़ाकू और जासूसी विमान

ईरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल सऊदी और UAE ही नहीं, बल्कि कतर और कुवैत को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी धरती का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ न हो। राजदूत ने ज़ोर देकर कहा कि राज्यों की यह अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी है कि वे अपने क्षेत्र का उपयोग किसी तीसरे देश के खिलाफ हमले के लिए न होने दें। ईरान ने कहा है कि वह शांतिपूर्ण पड़ोसी संबंधों के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन अपनी संप्रभुता के साथ समझौता नहीं करेगा।