ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने 24 जुलाई 2026 को एक सख्त संदेश देते हुए कहा कि जो देश ईरान पर हमले में अमेरिका की मदद करेंगे, उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। किर्गिस्तान में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की मदद करने वाले देशों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
हमले का जवाब देने की पूरी तैयारी
ईरान ने चेतावनी दी है कि उनके खिलाफ होने वाली किसी भी आक्रामकता का जवाब देने के लिए वे पूरी तरह तैयार हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने कहा कि ईरान संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत अपने बचाव के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा। साथ ही, ईरान ने कहा कि हमला करने वाले के स्रोत को वे अपना वैध निशाना मानेंगे।
तनाव के बीच मिसाइल और ड्रोन हमले
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिका द्वारा लगातार 13वीं रात ईरान के शहरों जैसे Khorramabad, Jask, Ahvaz और Bandar Abbas पर हवाई हमले किए गए। इसके जवाब में ईरान की सेना ने ‘Saegheh’ ऑपरेशन के तहत बहरीन और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को ड्रोन से निशाना बनाने का दावा किया है। इसके अलावा, इराक के प्रधानमंत्री Ali Falih Kadhim al-Zaidi द्वारा लाए गए युद्धविराम प्रस्ताव को भी ईरान ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण का मुद्दा हल नहीं हुआ है।
