Iran-US Conflict: ईरान की अमेरिका को बड़ी चेतावनी, पावर प्लांट पर हमला हुआ तो बंद होगा Strait of Hormuz
ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसके पावर प्लांट पर कोई हमला होता है, तो वह Strait of Hormuz को पूरी तरह से बंद कर देगा। यह बयान अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump की उस धमकी के बाद आया है जिसमें उन्होंने ईरान के पावर प्लांट को नष्ट करने की बात कही थी। ईरान के सैन्य प्रवक्ता Ebrahim Zolfaghari ने साफ किया है कि जब तक तबाह हुए पावर प्लांट दोबारा नहीं बनेंगे, तब तक यह समुद्री रास्ता नहीं खुलेगा। इस फैसले से दुनिया भर में तेल की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ सकता है।
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ट्रंप की चेतावनी और ईरान का कड़ा रुख
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने शनिवार को ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने Strait of Hormuz को जहाजों के लिए पूरी तरह नहीं खोला, तो उसके सबसे बड़े पावर प्लांट को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा। इस अल्टीमेटम की समय सीमा सोमवार रात 23:44 GMT पर खत्म हो रही है। इसके जवाब में ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा कि किसी भी हमले का नतीजा पूरे क्षेत्र के ऊर्जा और तेल ठिकानों की तबाही होगी। इससे आने वाले समय में तेल की कीमतें काफी बढ़ सकती हैं।
किन ठिकानों पर हो सकता है हमला?
ईरान के सैन्य मुख्यालय Khatam Al-Anbiya ने उन ठिकानों की लिस्ट साझा की है जो उनके निशाने पर हो सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि वे न केवल अमेरिका को जवाब देंगे बल्कि उन देशों को भी निशाना बनाएंगे जहाँ अमेरिकी बेस मौजूद हैं। मुख्य रूप से निम्नलिखित ठिकानों को लेकर चेतावनी दी गई है:
- इजराइल के पावर प्लांट और ऊर्जा इन्फ्रास्ट्रक्चर
- क्षेत्र के उन देशों के पावर प्लांट जहाँ अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं
- उन कंपनियों के ठिकाने जिनमें अमेरिका के बड़े शेयरधारक शामिल हैं
- ईरान का कहना है कि यह रास्ता अभी सिर्फ दुश्मन के जहाजों के लिए बंद है
कच्चे तेल और आम जनता पर क्या होगा असर?
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल रास्तों में से एक माना जाता है। इसके बंद होने की आशंका मात्र से ही ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल और गैस की कीमतें बढ़ना शुरू हो गई हैं। अगर यह रास्ता बंद होता है, तो खाड़ी देशों से होने वाली तेल की सप्लाई पूरी तरह रुक सकती है। इसका सीधा असर भारत जैसे देशों पर पड़ेगा जो अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा यहाँ से मंगाते हैं। फिलहाल अमेरिका ने तेल की बढ़ती कीमतों को काबू में करने के लिए ईरानी तेल पर लगे कुछ प्रतिबंधों में ढील दी है, लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव कम होता नहीं दिख रहा है।




