अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब बहुत बढ़ गया है. ईरान की सेना ने साफ कहा है कि अगर अमेरिका ने अपनी नाकाबंदी जारी रखी, तो वह रेड सी, गल्फ और ओमान की खाड़ी में होने वाले पूरे व्यापार को रोक देगा. इस चेतावनी से समुद्री रास्तों से होने वाले तेल और सामान की सप्लाई पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है.
ईरान ने व्यापार रोकने की धमकी क्यों दी?
अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 को ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी कर दी थी. इस पर ईरान के सैन्य कमांडर मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने कहा कि अगर अमेरिकी सेना ईरान के जहाजों और तेल टैंकरों के लिए असुरक्षा पैदा करेगी, तो इसे युद्ध विराम के उल्लंघन की तैयारी माना जाएगा. ऐसे हालात में ईरान इन समुद्री रास्तों पर किसी भी तरह के आयात और निर्यात की अनुमति नहीं देगा.
अमेरिका का एक्शन और मौजूदा हालात क्या हैं?
US Central Command के एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि नाकाबंदी पूरी तरह लागू हो चुकी है और ईरान के बंदरगाहों से व्यापार रुक गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि जो भी जहाज नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश करेगा, उसे खत्म कर दिया जाएगा. अब तक छह जहाजों ने अमेरिकी आदेश मानकर वापस ईरान के बंदरगाहों की ओर रुख किया है.
| तारीख | मुख्य घटना |
|---|---|
| 13 अप्रैल 2026 | अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू की |
| 13 अप्रैल 2026 | राष्ट्रपति ट्रंप ने जहाजों को खत्म करने की धमकी दी |
| 14 अप्रैल 2026 | अमेरिकी डिस्ट्रॉयर ने दो तेल टैंकरों को वापस भेजा |
| 15 अप्रैल 2026 | ईरान ने रेड सी और गल्फ में व्यापार रोकने की चेतावनी दी |
| 15 अप्रैल 2026 | तेहरान में दो धमाके हुए, तीन लोग घायल हुए |
| 22 अप्रैल 2026 | अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम खत्म होगा |
क्या युद्ध रुक पाएगा और अब आगे क्या होगा?
अमेरिका और ईरान के बीच का युद्ध विराम 22 अप्रैल 2026 को खत्म होने वाला है. पाकिस्तान इस समय दोनों देशों के बीच शांति बातचीत कराने की कोशिश कर रहा है. दुनिया भर के देश उम्मीद कर रहे हैं कि युद्ध विराम की समय सीमा बढ़ाई जाएगी ताकि परमाणु कार्यक्रम और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर कोई समझौता हो सके.
