ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने सीधे तौर पर अमेरिका पर बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका की हरकतें बताती हैं कि वह एक और युद्ध शुरू करना चाहता है. इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है.

ईरान के संसद स्पीकर ने अमेरिका के बारे में क्या कहा?

ईरान के संसद स्पीकर और मुख्य वार्ताकार Mohammad Bagher Ghalibaf ने 20 मई 2026 को एक बयान जारी किया. उन्होंने Tasnim news agency को बताया कि अमेरिका अपनी खुली और गुप्त गतिविधियों से यह साफ कर रहा है कि वह युद्ध का एक नया दौर चाहता है. गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका आर्थिक और राजनीतिक दबाव के बावजूद अपने सैन्य लक्ष्यों को नहीं छोड़ रहा है और उम्मीद कर रहा है कि ईरान उसके सामने झुक जाएगा.

युद्ध की स्थिति और IRGC की चेतावनी

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने सख्त चेतावनी दी है कि अगर ईरान पर दोबारा हमला हुआ, तो यह जंग इस पूरे इलाके से बाहर फैल सकती है. गालिबाफ ने यह भी कहा कि पिछले कुछ समय से चले आ रहे युद्धविराम के दौरान ईरान की सेना ने अपनी ताकत फिर से बढ़ा ली है. उन्होंने साफ किया कि ईरान किसी भी धमकी से नहीं डरेगा और दुश्मन को हमला करने पर पछताना पड़ेगा. बता दें कि 28 फरवरी को युद्ध शुरू हुआ था, जिसके बाद 8 अप्रैल से युद्धविराम लागू है.

अमेरिका का क्या स्टैंड है?

दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि उन्हें ईरान डील की कोई जल्दबाजी नहीं है. उन्होंने ईरानी बातचीत करने वालों को समझौता पूरा करने के लिए केवल दो से तीन दिनों का समय दिया है. वहीं, उपराष्ट्रपति JD Vance ने साफ कहा कि अगर परमाणु समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार है. इस बीच अमेरिकी सीनेट ने राष्ट्रपति ट्रम्प की युद्ध करने की शक्तियों को कम करने के लिए एक प्रस्ताव भी आगे बढ़ाया है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने अमेरिका पर क्या आरोप लगाया है?

ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने कहा है कि अमेरिका की गुप्त और खुली गतिविधियाँ यह दिखाती हैं कि वह एक नया युद्ध शुरू करना चाहता है.

ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम कब से लागू है?

ईरान और अमेरिका के बीच 28 फरवरी को युद्ध शुरू हुआ था, जिसके बाद 8 अप्रैल 2026 से युद्धविराम लागू किया गया था.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.