ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब बहुत बढ़ गया है। ईरान की IRGC Aerospace Force के कमांडर ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उन पर हमला हुआ तो उसका जवाब बहुत दर्दनाक और बड़ा होगा। उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा है कि अमेरिका के सैन्य बेसों का हाल सबको पता है, अब उनके युद्धपोतों (warships) की बारी आएगी।
ईरान ने अमेरिका को क्या चेतावनी दी है?
IRGC Aerospace Force के कमांडर Brigadier General Seyyed Majid Mousavi ने 30 अप्रैल 2026 को एक बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि दुश्मन के हमले चाहे छोटे हों या तेज़, ईरान उनका जवाब बहुत बड़े और दर्दनाक प्रहारों से देगा। उन्होंने खासतौर पर CENTCOM को निशाना बनाते हुए कहा कि अब अमेरिकी warships भी निशाने पर होंगे। इससे पहले 22 अप्रैल को भी जनरल Mousavi ने ऐसी ही चेतावनी दी थी।
ईरान के अन्य बड़े नेताओं ने क्या कहा?
ईरान के कई बड़े अधिकारियों ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है:
- Major General Mohsen Rezaei: उन्होंने बताया कि ईरान की सेना किसी भी अमेरिकी हमले का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है और ऐसा कोई भी कदम विनाशकारी होगा।
- Ayatollah Seyyed Mojtaba Khamenei: उन्होंने एलान किया कि Strait of Hormuz में नए कानूनी नियम बनाए जाएंगे ताकि जलमार्ग के गलत इस्तेमाल को रोका जा सके।
- President Masoud Pezeshkian: ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका और इसराइल पर खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया और अमेरिकी कार्रवाई को गैरकानूनी बताया।
अमेरिका की क्या तैयारी है और क्या है स्थिति?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, CENTCOM ने ईरान पर छोटे और शक्तिशाली हमले करने की योजना बनाई है, जिसकी जानकारी राष्ट्रपति Donald Trump को दी जानी थी। अमेरिका ने Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने की कोशिश शुरू की है। वहीं, USS Gerald R. Ford एयरक्राफ्ट कैरियर और उसका स्ट्राइक ग्रुप जल्द ही इस क्षेत्र से बाहर जा सकता है। पेंटागन के मुताबिक, अब तक ईरान संघर्ष में करीब 25 अरब डॉलर का खर्चा आ चुका है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने अमेरिका को किस बात की चेतावनी दी है?
ईरान के IRGC कमांडर ने कहा है कि अमेरिका के किसी भी हमले का जवाब बहुत बड़े और दर्दनाक प्रहारों से दिया जाएगा, जिसमें अमेरिकी युद्धपोतों (warships) को निशाना बनाया जा सकता है।
Strait of Hormuz को लेकर क्या विवाद चल रहा है?
अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी की है, जिसके जवाब में ईरान वहां नए नियम लागू करने और कड़ा एक्शन लेने की तैयारी कर रहा है।